मोरान और मटक समुदायों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री
डिब्रूगढ़ (असम), 14 अक्टूबर (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने बुधवार को डिब्रूगढ़ स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में मोरान और मटक समुदायों के जातीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। बैठकों में दोनों समुदायों की प्रमुख समस्याओं, मांगों और आकांक्षाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि असम के समग्र विकास की यात्रा इस विश्वास पर आधारित है कि प्रत्येक समुदाय को अपनी विशिष्ट पहचान, विरासत और परंपराओं को संरक्षित रखते हुए समान रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने दोनों समुदायों की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करने तथा उनकी सामाजिक-आर्थिक और शैक्षणिक आकांक्षाओं को पूरा करने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठकों के दौरान मुख्यमंत्री ने मोरान समुदाय के छह और मटक समुदाय के पांच संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया। इस दौरान दोनों समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग, संबंधित समुदाय परिषदों के चुनाव, शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार, चिकित्सा महाविद्यालयों में सीटों के आरक्षण, खेलों के विकास और समुदायों के समग्र कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में राघव मोरान दिवस और सर्वानंद सिंह दिवस के आयोजन का मुद्दा भी उठा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दोनों दिवसों को उचित सम्मान और गरिमा के साथ मनाने के लिए सरकार आवश्यक कदम उठा रही है।
डॉ. सरमा ने कहा कि राज्य सरकार दोनों समुदायों के हितों की रक्षा करने और उनकी आकांक्षाओं को उचित महत्व देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सामाजिक-आर्थिक विकास, शैक्षणिक प्रगति और राज्य के विकास में उनकी भागीदारी के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि सरकार संबंधित संगठनों के साथ लगातार संवाद बनाए रखेगी और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्राथमिकता के आधार पर उचित कदम उठाएगी।
बैठकों में सांस्कृतिक कार्य मंत्री बिमल बोरा, विधायक बोलिन चेतिया, तरंग गोगोई, बिनोद हजारिका, संजय किसान और पुलक गोहाईं, असम पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष ऋतुपर्ण बरुवा तथा संबंधित संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

