ढेकियाजुली के शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि
गुवाहाटी, 20 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने रविवार को भारत छोड़ो आंदोलन के शहीदों तथा देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि 20 सितंबर, 1942 को देश को ब्रिटिश शासन और अत्याचार से मुक्त कराने के संकल्प के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने के उद्देश्य से ढेकियाजुली थाना परिसर की ओर मार्च कर रहे स्वतंत्रता सेनानियों पर पुलिस ने बर्बर हमला करते हुए गोलीबारी की थी। इस घटना में 15 वीर शहीदों ने अपने प्राण गंवाए थे।
डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने स्वतंत्रता संग्राम की सबसे कम उम्र की महिला शहीदों में शामिल तिलेश्वरी बरुवा सहित सभी देशभक्त स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया और कहा कि उनके बलिदान के बिना देश की आजादी संभव नहीं थी।
एक अन्य पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की लहर असम तक भी पहुंची थी। उन्होंने कनकलता बरुवा, मुकुंद काकती, तिलेश्वरी बरुवा, भोगेश्वरी फुकननी और मनबर नाथ सहित अनेक वीर-वीरांगनाओं को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने स्वतंत्रता आंदोलन में इन सेनानियों के अद्वितीय त्याग और देशभक्ति को स्मरण करते हुए सभी अमर शहीदों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

