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असम सीएम रिलीफ फंड के लिए पैसे जुटाने की खातिर खास चाय नीलामी हुई : मुख्यमंत्री

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असम सीएम रिलीफ फंड के लिए पैसे जुटाने की खातिर खास चाय नीलामी हुई : मुख्यमंत्री


गुवाहाटी, 05 अक्टूबर (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने सोमवार को कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएम रिलीफ फंड) के लिए पैसे जुटाने के मकसद से गुवाहाटी में चाय की एक खास नीलामी आयोजित की गई। इस पहल के तहत चाय उत्पादकों और खरीदारों को एक साथ लाया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. सरमा ने कहा कि इस नीलामी ने चाय उद्योग से जुड़े लोगों को एक बड़े सामाजिक काम में योगदान देने का मौका दिया। इस मौके पर असम के चाय उद्योग के मार्गदर्शक, देशभक्ति और साहस के प्रतीक मणिराम देवान की गुवाहाटी चाय नीलामी केंद्र में आदमकद प्रतिमा का मुख्यमंत्री ने लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि असम के चाय उद्योग के मार्गदर्शक, देशभक्ति और साहस के प्रतीक मणिराम देवान की स्मृति सदियों तक हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। आज महान स्वतंत्रता सेनानी और असम के पहले स्थानीय चाय किसान मणिराम देवान की एक आदमकद प्रतिमा गुवाहाटी के चाय नीलामी केंद्र में अनावरण कर उनके प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त की। असम की मिट्टी में चाय किसान को नई पहचान देने में उनका ऐतिहासिक योगदान असम के चाय उद्योग के इतिहास का अविभाज्य हिस्सा है। चाय उद्योग के महानायक की स्मृति और आदर्श हमारी नई पीढ़ी को असम के स्वाभिमान, उद्योग और देशभक्ति के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए हमेशा प्रेरित करते रहें—यही हमारी कामना है।

डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि सीएम रिलीफ फंड में योगदान के लिए चाय की एक खास नीलामी आयोजित की गई थी। इससे खरीदारों और उत्पादकों को एक साथ आने और एक बड़े मकसद में योगदान करने का मौका मिलता है। मैं नीलामी में भाग लेने वाले सभी लोगों का धन्यवाद करता हूं।

यह पहल असम की लंबे समय से चली आ रही चाय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में की गई है, जिसमें गुवाहाटी चाय नीलामी केंद्र (जीटीएसी) असम और पूर्वोत्तर के अन्य हिस्सों में उत्पादित चाय के लिए एक प्रमुख बाजार के रूप में काम करता है। नीलामी केंद्र चाय उत्पादकों, दलालों और खरीदारों को एक साथ लाता है, जिससे कीमत तय करने में आसानी होती है और चाय बागानों को घरेलू और बड़े बाजारों से जोड़ा जाता है। इसके आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर नीलामी इकोसिस्टम से जुड़े सैकड़ों खरीदार, दलाल और गोदाम सूचीबद्ध हैं।

यह खास नीलामी ऐसे समय में भी हो रही है जब असम के चाय क्षेत्र में प्रीमियम और खास किस्मों में रुचि बढ़ रही है। सितंबर में, असम में उत्पादित 'पु-एर' शैली की खास चाय जीटीएसी में 12,000 रुपये प्रति किलो बिकी, जो नीलामी प्लेटफॉर्म के माध्यम से गैर-पारंपरिक चाय किस्म की एक उल्लेखनीय बिक्री थी।

जीटीएसी ने 2026 में भी काफी व्यापारिक गतिविधि दर्ज की है। एक अप्रैल से 25 सितंबर के बीच केंद्र के माध्यम से कराेड़ाें रुपए की चाय बेची गई, और इस अवधि के दौरान औसत कीमत लगभग 241 रुपये प्रति किलो रही।

चाय पूरे असम में आजीविका का एक प्रमुख स्रोत है, जो चाय बागानों, प्रसंस्करण, व्यापार और परिवहन से जुड़े श्रमिकों, परिवारों और व्यवसायों को सहारा देती है।

राज्य सरकार ने इस क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से कई उपाय भी शुरू किए हैं। सितंबर में अधिसूचित संशोधित 'असम चाय उद्योग विशेष प्रोत्साहन योजना' में चाय निर्यात के लिए प्रोत्साहन और ऑर्थोडॉक्स व खास किस्म की चाय के उत्पादन के लिए अधिक समर्थन शामिल है। चाय की अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर कनेक्टिविटी एक और अहम पहलू है। प्रस्तावित गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर से चाय उत्पादक क्षेत्रों और बड़े बाज़ारों के बीच संपर्क मज़बूत होने और लॉजिस्टिक्स की लागत कम होने की उम्मीद है।

इस माहौल में, सीएम रिलीफ फंड के लिए हुई खास नीलामी ने असम के स्थापित चाय-व्यापार नेटवर्क को जन-कल्याण की पहल से जोड़ा है। डॉ. सरमा ने नीलामी में हिस्सा लेने वाले उत्पादकों और खरीदारों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी भागीदारी से यह इंडस्ट्री अपनी नियमित व्यावसायिक गतिविधियों से हटकर किसी नेक काम में सामूहिक रूप से योगदान दे पाई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय