पवन खेड़ा मामले में सिंघवी की टिप्पणी काे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने किया पलटवार
गुवाहाटी, 01 मई (हि.स.)। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को उच्चतम न्यायालय से मिली अग्रिम जमानत पर कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी की टिप्पणी पर असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने शुक्रवार को पलटवार किया है। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पर तीखा हमला बोला।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर डॉ. सरमा ने सिंघवी पर सीधे बहस से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक ऐसी महिला को निशाना बनाया गया जिसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था, और जाली दस्तावेज़ों का इस्तेमाल करके राष्ट्रीय टेलीविजन पर उसके चरित्र को बदनाम किया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि अदालतें इस मामले का संज्ञान लेंगी और जो लोग इसके लिए ज़िम्मेदार हैं, उन्हें सजा जरूर मिलेगी।
मुख्यमंत्री का पलटवार तब सामने आया है जब सिंघवी ने मुख्यमंत्री से इस मामले में अपने रुख पर फिर से विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने इसके लिए भारत के उच्चतम न्यायालय की टिप्पणियों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले से जुड़े कई सार्वजनिक बयान बेहद अनुचित थे और उन्होंने लोकतांत्रिक मानकों को गिराया है।
सिंघवी ने यह भी बताया कि पवन खेड़ा के खिलाफ लगाए गए ज़्यादातर आरोप जमानती थे। उन्होंने लोकतांत्रिक असहमति की रक्षा करने की जरूरत पर जोर दिया और चेतावनी दी कि बोलने की आजादी पर रोक लगाने से मौलिक अधिकार कमजोर होते हैं।
ज्ञात हो कि यह घटनाक्रम तब सामने आया जब उच्चतम न्यायालय ने पवन खेड़ा को एक मामले में अग्रिम ज़मानत दे दी। यह मामला मुख्यमंत्री की पत्नी के खिलाफ उनकी कथित टिप्पणियों से जुड़ा था। न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और न्यायमूर्ति एएस चांदुरकर की पीठ ने पहले अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और बाद में कुछ शर्तों के साथ उन्हें राहत प्रदान की।----------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

