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(अपडेट) पुणे में नामघर की स्थापना से असम और महाराष्ट्र के बीच सांस्कृतिक सेतु मजबूत होगा: हिमंत

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(अपडेट) पुणे में नामघर की स्थापना से असम और महाराष्ट्र के बीच सांस्कृतिक सेतु मजबूत होगा: हिमंत


गुवाहाटी, 04 अक्टूबर (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने महाराष्ट्र के पुणे में नामघर की स्थापना का स्वागत करते हुए इसे असम और महाराष्ट्र के बीच भक्ति, संस्कृति और मानवता का सुंदर सेतु बताया है।

मुख्यमंत्री ने रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की पवित्र भूमि पुणे के गुजर-निंबालकरवाड़ी में असम के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक जीवन के अभिन्न अंग नामघर की स्थापना एक सराहनीय पहल है।

उन्होंने कहा कि नवस्थापित नामघर में गुरु आसन की स्थापना के अवसर पर रंगारंग शोभायात्रा, सत्रिया नृत्य और नाम-प्रसंग सहित विभिन्न पारंपरिक कार्यक्रम विधिवत आयोजित किए गए। इस अवसर पर माजुली स्थित श्रीश्री आउनीआटी सत्र के पूज्य डॉ. पीतांबर देव गोस्वामी प्रभु की गरिमामयी उपस्थिति रही। असम और महाराष्ट्र के कई विशिष्ट लोगों की भागीदारी से उद्घाटन समारोह और भी जीवंत हो उठा।

डॉ. सरमा ने इस पहल के पीछे कार्यरत पुणे की संस्था ‘सरहद’ तथा पुणे में रहने वाले असमिया समुदाय के लोगों की आत्मीयता और प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि ऐसी पहल दोनों राज्यों की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नए संबंधों के माध्यम से जोड़ते हुए आपसी संबंधों को और मजबूत करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय