कामरूप में आरटीआई पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित
गुवाहाटी, 29 सितंबर (हि.स.)। कामरूप जिले के जन सूचना अधिकारियों (पीआईओ) के लिए मंगलवार को सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम, 2005 पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों को आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों और इसके व्यावहारिक अनुप्रयोग की बेहतर समझ प्रदान करना तथा लोक प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना था।
कार्यक्रम का आयोजन कामरूप जिला प्रशासन ने असम राज्य सूचना आयोग और गुवाहाटी स्थित स्काई लीगल पार्टनर्स के सहयोग से जिला आयुक्त कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में किया।
कामरूप के जिला आयुक्त देब कुमार मिश्र ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए ऐसे क्षमता निर्माण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रशिक्षण और सीखने से अधिकारी अपने कार्यों के दौरान आने वाली चुनौतियों से अधिक प्रभावी ढंग से निपट सकेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिकारी कार्यक्रम से प्राप्त जानकारी को अपने-अपने कार्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू करेंगे।
असम के राज्य मुख्य सूचना आयुक्त भारत भूषण देव चौधरी ने जागरूक नागरिक और नागरिकों के जानने के अधिकार के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि शासन व्यवस्था में गोपनीयता की संस्कृति से अधिक खुलेपन और पारदर्शिता की ओर बदलाव आया है।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन आरटीआई पोर्टल के संबंध में आम लोगों के एक वर्ग में अभी भी जागरूकता सीमित है, जिससे बिचौलियों और गलत सूचनाओं के प्रसार की गुंजाइश बन सकती है। डिजिटल माध्यमों से तैयार और छेड़छाड़ की गई दृश्य सामग्री के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने वर्तमान समय में प्रमाणिक जानकारी तक जागरूकता और पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
तकनीकी सत्रों में आरटीआई अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के व्यावहारिक पहलुओं पर जानकारी दी गई। राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय एवं न्यायिक अकादमी, असम के छात्र सक्षम पाटियार ने “सूचना” और “अभिलेख” के दायरे तथा अर्थ पर सत्र लिया। इसी संस्थान की विधि सहायक प्रोफेसर डॉ. हिमांशु रंजन नाथ ने आरटीआई अधिनियम की धारा 8, 9 और 10 पर चर्चा की। गुवाहाटी उच्च न्यायालय में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता मोब्रुर रब्बानी ने अधिनियम के व्यावहारिक क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें पीआईओ ने संसाधन व्यक्तियों से स्पष्टीकरण मांगे और आरटीआई अधिनियम के क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा की।
कार्यक्रम में एडीसी मोनिका बरगोहाईं, एडीसी आदित्य गोगोई, सहायक आयुक्त, अंचल अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रमुख तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

