कछार जिले के भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में बीएनएस की धारा 163 लागू
कछार (असम), 25 सितंबर (हि.स.)। कछार जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की रिपोर्टों को देखते हुए और अंतरराष्ट्रीय सीमावर्ती इलाकों से इस जिले के माध्यम से अवैध रूप से सामग्री और गौ-तस्करी की घटनाओं को देखते हुए, कछार जिला आयुक्त राहुल कुमार गुप्ता ने एक निर्देश जारी करते हुए पूरे जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर कुछ महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। हालांकि, इस निर्देश पर हस्ताक्षर 23 सिंतबर को ही किए गये हैं।
आज मिली जानकारी के अनुसार इन निर्देशों में कहा गया है- कछार जिले की भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के एक किलोमीटर क्षेत्र के भीतर सूर्यास्त से सूर्योदय तक कोई भी व्यक्ति घूम नहीं सकेगा। कछार जिले के भारत के नियंत्रण वाले इलाके में सुरमा नदी और नदी के उस पार के हिस्से में सूर्यास्त से सूर्योदय तक कोई भी व्यक्ति घूम नहीं सकेगा। कोई भी सुरमा नदी में मछली पकड़ने के उद्देश्य से नाव नहीं चला सकता। हालांकि, स्थानीय निवासियों को व्यक्तिगत मनोरंजन के लिए मछली पकड़ने की अनुमति काटीगोरा सर्कल के सर्कल ऑफिसर द्वारा दी जा सकती है। इसके लिए उन्हें पहले संबंधित लीजधारक से अनुमति लेनी होगी और लीज की शर्तों और नियमों का पालन करना होगा। इस प्रकार की अनुमति की एक प्रति जिला दंडाधिकारी, कछार और 175वीं नंबर बटालियन, बीएसएफ, धलछरा के कमांडेंट के पास भेजी जानी होगी। सूर्यास्त से सूर्योदय तक कछार जिले के बांग्लादेश सीमा के पास पांच किलोमीटर क्षेत्र में कोई व्यक्ति किसी भी वाहन, ठेला, रिक्शा या किसी अन्य साधन से चीनी, चावल, गेंहूं, खाने का तेल, एसके ऑयल और नमक आदि किसी भी मात्रा में नहीं ले जा सकता।
इस मामले में काटीगोरा सर्कल के चारकोल ऑफिसर अनुमति दे सकते हैं। स्थानीय आपूर्ति विभाग से जांच के बाद केवल विशेष उद्देश्य, विशेष समय और विशेष स्थान के लिए आवश्यक मामलों में यह प्रतिबंध हटाया जा सकता है। इस अनुमति की एक प्रति जिला दंडाधिकारी, कछार और 170वीं नंबर बटालियन, बीएसएफ, धलछरा के कमांडेंट के पास भेजनी होगी।
यह निर्देश सीमा क्षेत्र में कार्यरत राज्य और केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। यह निर्देश जनहित और कानून-व्यवस्था की सुरक्षा के लिए तुरंत प्रभावी होगा। जब तक नया निर्देश नहीं आता, यह निर्देश जारी होने की तिथि से दो महीने तक लागू रहेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / असरार अंसारी

