असम कैबिनेट ने 2025 के नागरिक सम्मान विजेताओं के नाम घोषित किए
गुवाहाटी, 23 अक्टूबर (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा की अध्यक्षता में शुक्रवार को लोक सेवा भवन में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने संवाददाता सम्मेलन में राज्य सरकार के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों के लिए वर्ष 2025 के पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा की। साथ ही महान गायक डॉ. भूपेन हजारिका की जन्मशताब्दी के समापन समारोह की तैयारियों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि डॉ. भूपेन हजारिका की जन्मशताब्दी का भव्य समारोह 29 नवंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रख्यात गायिका ऊषा मंगेशकर को भूपेन हजारिका राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं समारोह में उपस्थित रहकर उन्हें यह पुरस्कार प्रदान करेंगे।
यह राष्ट्रीय पुरस्कार प्रत्येक तीन वर्ष में एक बार दिया जाएगा। पुरस्कार के तहत 10 लाख रुपये की नकद राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
लगभग दो घंटे तक चलने वाले इस कार्यक्रम में असम के करीब 1,000 गायक-गायिकाएं डॉ. हजारिका के दो कालजयी गीतों ‘मनुहे मनुहर बाबे’ और ‘वी आर इन द सेम बोट, ब्रदर’ की प्रस्तुति देंगे। प्रख्यात गायिका श्रेया घोषाल और गायक शंकर महादेवन भी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025 के लिए राज्य के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों के विजेताओं की घोषणा करते हुए बताया कि शंकरदेव नेत्रालय के संस्थापक डॉ. हर्ष भट्टाचार्य को असम वैभव पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
असम सौरव पुरस्कार के लिए चार विशिष्ट व्यक्तियों का चयन किया गया है। इनमें पशु चिकित्सा विज्ञान और हाथियों के संरक्षण में योगदान के लिए डॉ. कुशल कोंवर शर्मा, कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में योगदान के लिए नुरुद्दीन अहमद, संगीत एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में योगदान के लिए पुलक बनर्जी तथा पर्यावरण संरक्षण और हरगिला पक्षी के संरक्षण के लिए पूर्णिमा देवी बर्मन शामिल हैं।
वहीं, समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए 10 व्यक्तियों को असम गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इनमें देवीप्रसाद बागरोदिया, हलीचरण नार्जारी, सिमू दास, हरकांत बसुमतारी, धनजीत तालुकदार, निवेदिता इन, मयंक चक्रवर्ती, जितेन चारंगफांगसा, तनुमाया सोनार विश्वकर्मा और दीकपाल लाहन शामिल हैं।
राज्य सरकार के इन निर्णयों के माध्यम से डॉ. भूपेन हजारिका की कालजयी रचनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

