बिना लाइसेंस के फर्जी डॉक्टर बनकर प्रैक्टिस करने वाला गिरफ्तार
बंगाईगांव (असम), 10 जुलाई (हि.स.)। असम के बंगाईगांव जिले में पुलिस ने डॉक्टर बनकर अवैध रूप से चिकित्सा सेवा देने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान नजरुल इस्लाम के रूप में हुई है, जो जोगीघोपा थाना क्षेत्र के छोटे बरजाना गांव का निवासी और अंसार अली का पुत्र है।
पुलिस के अनुसार, नज़रुल इस्लाम को जोगीघोपा थाना केस नंबर 100/2026 के तहत गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की विभिन्न धाराओं के साथ ही नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) अधिनियम, 2019 की धारा 34 तथा असम मेडिकल काउंसिल अधिनियम, 1999 की धारा 28 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई एक लिखित शिकायत और विशेष खुफिया सूचना के आधार पर की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नज़रुल इस्लाम जोगीघोपा थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल और कई निजी डॉक्टरों के क्लीनिक में मेडिकल ऑफिसर के रूप में कार्य कर रहा था, जबकि उसके पास कोई मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री या असम काउंसिल ऑफ मेडिकल रजिस्ट्रेशन (एसीएमआर) में वैध पंजीकरण नहीं था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित ने इमरजेंसी मेडिसिन में पोस्टग्रेजुएट स्पेशलाइजेशन और पेन मैनेजमेंट में फेलोशिप होने का दावा किया था। हालांकि, पुलिस के अनुसार ये योग्यताएं नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं हैं।
पुलिस का आरोप है कि नज़रुल इस्लाम बिना कानूनी अधिकार के मरीजों का इलाज कर रहा था और उन्हें एलोपैथिक दवाएं भी लिख रहा था। जांच करने वालों ने यह भी आरोप लगाया कि नज़रुल इस्लाम अपने प्रिसक्रिप्शन पैड पर किसी दूसरे रजिस्टर्ड डॉक्टर के मेडिकल रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल करता था, जिससे वह खुद को सही तरीके से रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर के तौर पर दिखाता था।
केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, आरोपित को गिरफ्तार किया और उसे सक्षम अदालत के सामने पेश किया। इस कथित धोखाधड़ी के दायरे का पता लगाने और केस से जुड़े किसी भी अतिरिक्त अपराध या व्यक्ति की पहचान करने के लिए जांच चल रही है।----------------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

