एसआईआर प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी और सर्वसम्मत: असम भाजपा
- सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के हलफनामे से स्थिति स्पष्ट होने का दावा
गुवाहाटी, 27 अक्टूबर (हि.स.)। असम प्रदेश भाजपा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को पूरी तरह कानूनी और सर्वसम्मत बताते हुए कहा है कि भारतीय निर्वाचन आयोग की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे से इस मामले में फैलाए जा रहे कथित भ्रम की स्थिति स्पष्ट हो गई है।
प्रदेश भाजपा की ओर से मंगलवार को जारी बयान में कहा गया कि निर्वाचन आयोग ने अपने हलफनामे में स्पष्ट किया है कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए एसआईआर की पूरी प्रक्रिया निर्धारित कानूनी प्रावधानों के अनुरूप संचालित की जा रही है। पार्टी ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार और संवैधानिक संस्थाओं की छवि खराब करने के उद्देश्य से निराधार आरोप लगाए थे।
भाजपा के अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की सर्वसम्मत सहमति से हलफनामा दाखिल किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि जून 2025, अक्टूबर 2025 और मई 2026 में जारी एसआईआर संबंधी निर्देश तीनों निर्वाचन आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय थे।
पार्टी ने बताया कि नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले वैधानिक फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस फॉर्म में संशोधन किए जाने संबंधी खबरों को भाजपा ने निराधार बताया।
बयान के अनुसार, एसआईआर घोषणा-पत्र मतदाता की पूर्ववर्ती मतदाता सूची से उसके संबंध की पुष्टि करने के लिए अलग दस्तावेज है। ऑनलाइन पोर्टल पर इसे लेकर उत्पन्न भ्रम को दूर करने के लिए 21 अक्टूबर से फॉर्म-6 और घोषणा-पत्र को अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शित किया जाने लगा।
भाजपा ने यह भी कहा कि निर्वाचन आयोग के भीतर फाइलों के आदान-प्रदान के दौरान किसी आयुक्त की ओर से दी गई व्यक्तिगत टिप्पणी या लिखित सवाल को आयोग का अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता। पार्टी के अनुसार, बहुसदस्यीय संस्थान में इस तरह की आंतरिक चर्चा सामान्य प्रक्रिया है।
बयान में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने 27 अक्टूबर को याचिकाकर्ता पक्ष को निर्वाचन आयोग के हलफनामे पर अपना प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया है।
प्रदेश भाजपा ने दावा किया कि निर्वाचन आयोग ने अपने हलफनामे के माध्यम से एसआईआर प्रक्रिया की वैधानिकता और सर्वसम्मति को लेकर उठाए गए सवालों पर अपना पक्ष स्पष्ट किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

