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कांग्रेस बताए, वंदे मातरम् की विरासत सीमित करने का फैसला क्यों : भाजपा

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कांग्रेस बताए, वंदे मातरम् की विरासत सीमित करने का फैसला क्यों : भाजपा


- असम भाजपा ने वंदे मातरम् के सम्मान की रक्षा का संकल्प दोहराया

गुवाहाटी, 23 अगस्त (हि.स.)। असम प्रदेश भाजपा ने कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा पार्टी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल पहले दो अंतरों के गायन के फैसले की कड़ी आलोचना की है। भाजपा ने कहा कि राष्ट्रीय गीत के ऐतिहासिक गौरव और सम्मान से राजनीतिक कारणों से समझौता नहीं किया जा सकता।

भाजपा प्रवक्ता ब्रजेन महंत ने कहा कि वंदे मातरम् भारत के स्वतंत्रता संग्राम, देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि 1896 के कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार इसे गाया गया था और बाद में यह स्वतंत्रता आंदोलन का महत्वपूर्ण प्रतीक बन गया।

महंत ने सवाल उठाया कि 1896 से 1937 तक कांग्रेस के विभिन्न अधिवेशनों में इसे पूर्ण रूप से गाए जाने के बाद 1937 में इसके कुछ हिस्सों को सीमित करने का निर्णय क्यों लिया गया। उन्होंने कांग्रेस से इस फैसले की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि प्रमाणिक दस्तावेजों के आधार पर देश के सामने रखने की मांग की।

भाजपा ने युवाओं के बीच वंदे मातरम् के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका को लेकर देशव्यापी जागरूकता कार्यक्रम चलाने का भी आह्वान किया। पार्टी ने कहा कि राजनीतिक लाभ या वोट बैंक की राजनीति के लिए इसके सम्मान और विरासत से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश