डॉ. सरमा ने असम के सामाजिक ताने-बाने को फिर से बुना : भाजपा
गुवाहाटी, 16 मार्च (हि.स.)। असम प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भारत निर्वाचन आयोग के एक ही चरण में मतदान कराने के फैसले का स्वागत किया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रंजीब कुमार शर्मा ने साेमवार काे एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि निर्वाचन आयोग का यह फैसला 'मियां' मतदाताओं द्वारा कई बार वोट डालने की गलत प्रथा को रोकने की दिशा में एक अहम कदम है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता रंजीब कुमार शर्मा के अनुसार, आमतौर पर, कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं के कारण चुनाव कई चरणों में कराए जाते हैं। लेकिन, हाल के वर्षों में भाजपा के नेतृत्व वाली 'डबल-इंजन' सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों ने असम में शांति का एक स्थायी माहौल बहाल किया है। कई उग्रवादी और अलगाववादी संगठनों के साथ ऐतिहासिक शांति समझौते करके, हमारी सरकार ने स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक दूरगामी और परिवर्तनकारी कदम उठाया है। नतीजतन, अब एक ही दिन में शांतिपूर्ण ढंग से मतदान कराने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं।
पार्टी के प्रदेश मुख्यालय, 'अटल बिहारी वाजपेयी भवन' में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शर्मा ने उपरोक्त बातें कहीं। इस मौके पर पार्टी प्रवक्ता किशोर कुमार भट्टाचार्य, डॉ. ज़फ़रीन महज़बीन और मीडिया पैनलिस्ट प्रियंका तामुली भी मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के इस फैसले से 'मियां' मतदाताओं द्वारा दो या तीन मतदान केंद्रों पर वोट डालने की प्रथा पर भी रोक लगेगी। यह ध्यान देने योग्य है कि अतीत में जब चुनाव कई चरणों में होते थे, तो कुछ 'मियां' मतदाता कथित तौर पर इस चरणबद्ध मतदान प्रणाली का फायदा उठाकर अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में स्थित दो या तीन मतदान केंद्रों पर वोट डाल देते थे। शर्मा ने जोर देकर कहा कि मौजूदा व्यवस्था के तहत अब ऐसी कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।
भाजपा आगामी चुनाव में अपने प्रचार अभियान के केंद्र में उस नए माहौल को रखेगी—जिसमें शांति, स्थिरता और जन-विश्वास शामिल है और जो विकास-उन्मुख शासन के माध्यम से असम के सामाजिक जीवन में वापस लौटा है। कांग्रेस शासन के दौरान, असम का सामाजिक ताना-बाना व्यापक भ्रष्टाचार, प्रशासनिक अव्यवस्था, सामाजिक भेदभाव, राजनीतिक अवसरवाद और लंबे समय तक बनी रही अस्थिरता से बुरी तरह प्रभावित था।
हालांकि, अपनी साहसी और निर्णायक नेतृत्व क्षमता के माध्यम से जिसे बिना किसी डर या पक्षपात के अपनाया गया है, मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने असम की जनता के बीच विश्वास और भरोसे की एक गहरी भावना को पुनः स्थापित किया है। भाजपा मतदाताओं के समक्ष इस सकारात्मक गति को बनाए रखने के दृढ़ संकल्प के साथ जाएगी, जिसने युवाओं और ग्रामीण आबादी, दोनों के बीच आशा और उत्साह का संचार किया है। साथ ही असम की सामाजिक एवं विकासात्मक प्रगति को और आगे बढ़ाएगी।------------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

