(अपडेट) 60 वर्षों में कांग्रेस ने महिला सशक्तिकरण के लिए कुछ नहीं किया: दिलीप सैकिया
गुवाहाटी, 19 अप्रैल (हि.स.)। नारी शक्ति वंदन संशोधनी विधेयक 2026 के विरूद्ध कांग्रेस सह इंडी गठबंधन के द्वारा उठाए गये कदमों की असम प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष एवं दरंग-उदालगुड़ी से लाेकसभा सांसद दिलीप सैकिया ने रविवार को कड़ी आलोचना की।
उन्होंने कहा कि 60 वर्षों में कांग्रेस ने महिला सशक्तिकरण के उत्थान के लिए कुछ भी नहीं किया। ये बातें रविवार काे असम प्रदेश भाजपा मुख्यालय अटल बिहारी वाजपेयी भवन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।
असम प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अनुच्छेद 370 से तीन तलाक तक सभी का कांग्रेस ने सिर्फ और सिर्फ विरोध किया। 2029 की लोकसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण के साथ सम्मान देने का वादा किया। 'देश के विकास और महिला सशक्तिकरण की कांग्रेस और उसके सहयोगी दल शत्रु' हैं।
उन्होंने कहा कि 23 अप्रैल को गुवाहाटी में विशाल विरोध कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिसमें विपक्षी पार्टियों के दुष्प्रचार को उजागर किया जाएगा। सैकिया ने कांग्रेस पर जनता के बीच झूठ और अवास्तविक कहानी पहुंचाने का आरोप लगाया।
असम प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 'कांग्रेस का इतिहास महिलाओं का अपमान करने का है।' 'कांग्रेस ओबीसी के नाम पर सिर्फ घड़ियाली आंसू बहा रही है।' उन्होंने कहा कि 'द्रौपदी मुर्मु जैसी आदिवासी महिला को हमने राष्ट्रपति निर्वाचित किया है।' यह हमारी महिलाओं के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
संवाददाता सम्मेलन में मौजूद प्रदेश के वित्त मंत्री अजंता नेओग ने कहा कि महिला होने के नाते बीते कल (शनिवार) अपमान बोध महसूस किया था। द्रोपदी के प्रति किये गये अपमान के कारण ही कौरव का विनाश हुआ था। हम महिलाएं इस अपमान को कभी नहीं भूल सकतीं। मर्माहत जरूर हुई हैं। किंतु, हम निराश नहीं हैं।
इस मौके पर उपस्थित अन्य नेताओं ने भी अपनी बातें रखीं। संवाददाता सम्मेलन में गुवाहाटी सांसद बिजुली कलिता मेधी, पूर्व सांसद क्वीन ओझा, पूर्व मंत्री रेखा रानी दास बोडो, बरपेटा से सांसद फणिभूषण चौधरी समेत अन्य कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। --------------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

