प्रदेश भाजपा ने असमवासियों को दौल उत्सव और रंगों के त्योहार फगुआ की दी शुभकामनाएं
-2026 के चुनाव में विपक्ष कई रिकॉर्ड बनाएगा
-पहली बार विधानसभा में कांग्रेस के हिंदू विधायक शून्य होंगे, किसी भी विपक्षी दल का नेता प्रतिपक्ष नहीं होगा
गुवाहाटी, 03 मार्च (हि. स.)। 2026 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और विरोधी कई रिकॉर्ड तोड़ देंगे, ऐसा आज फागुआ के वार्षिक उत्सव के दिन प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता प्रांजल कलिता ने कहा। प्रदेश भाजपा मुख्यालय अटल बिहारी वाजपेयी भवन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में पार्टी प्रवक्ता कलिता ने कहा कि पहली बार असम विधानसभा में कांग्रेस का कोई हिन्दू विधायक नहीं होगा। इस बीच, राज्य की 104 सीटें खिलंजिया (स्थानीय) के हाथ में जाने की स्थिति में केवल मियां (बांग्लादेशी मूल के मुस्लिम) बहुल 22 सीटों पर ही विपक्षी चुनाव में उतरेंगे। स्वतंत्रता के बाद गोपीनाथ बरदलै, विष्णुराम मेधी, बिमला प्रसाद चालिहा आदि कांग्रेस नेताओं को मियां का निष्कासन और विभाजन के चलते सैयद सादुल्ला, मौलाना भसानी, मयनूल हक चौधुरी आदि मियां कांग्रेसियों का विरोध सहन करना पड़ा। उन्हीं मियां कांग्रेसियों के आदर्शों से प्रेरित होकर गौरव गोगोई ने अपने आप को मियां के उद्धारकर्ता के रूप में प्रस्तुत किया है।
प्रवक्ता ने कहा कि मियां समुदाय में विपक्षी का कौन नेता सबसे अधिक लोकप्रिय है इस प्रतियोगिता में मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा खुशी-खुशी खिलंजिया का आशीर्वाद लेकर तीसरी बार असम में भाजपा सरकार स्थापित करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। सड़क पर उतरकर राज्यवासी मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा को आशीर्वाद देकर राज्य के सभी स्तरों के लोगों ने मियां-प्रिय गौरव गोगोई को अस्वीकार करके, इसका स्पष्ट संकेत दिया है। प्रवक्ता ने कहा है कि असम के इतिहास में पहली बार 100 से अधिक सीटों पर सुनिश्चित विजय की दिशा में भारतीय जनता पार्टी की मित्र-शक्ति सरकार बनाने के लिए आगे बढ़ रही है।
किसी भी विपक्षी दल को इस बार के चुनाव में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का दर्जा नहीं मिलेगा। विपक्षी दल के नेता के बिना विधानसभा संचालन होने की स्थिति उत्पन्न होगी। असम के मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने राज्य के पिछड़े वर्ग के लोगों की मानसिकता को समझते हुए उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। जबकि कांग्रेस केवल निष्कासित मियां को पुनः स्थापित करने और जमीन-संपत्ति को पुनः वापस दिलाने के लिए ही चुनाव में उतरना चाहती है।
एक विषय का उल्लेख करते हुए प्रवक्ता ने प्रदेश भाजपा की ओर से राज्य के विभिन्न सत्रों (मठ) और धार्मिक आयोजनों में आयोजित दौल उत्सव के साथ-साथ रंगोत्सव होली की शुभकामनाएं दीं। बटद्रवा सत्र के पुनर्निर्माण के बाद इस बार 5 दिन लंबा दौल और होली उत्सव आयोजित किया गया है।
इस शुभ अवसर पर राज्य के विभिन्न इलाकों के धर्मनिष्ठ लोग भाग लेकर सत्र को दूसरा वैकुंठपुरी बना रहे हैं। गुरुजन के शिष्य माधवदेव द्वारा स्थापित निचले असम के बरपेटा सत्र के पवित्र दौल उत्सव के समान ही गुरुजन के जन्मस्थान बटद्रवा में भी धूमधाम से आयोजित रंगोत्सव ने असम में शंकर-माधव की असमिया संस्कृति को फिर से जीवंत कर दिया है। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. सरमा को धन्यवाद् ज्ञापित किया। आज प्रवक्ता के साथ संवाददाता सम्मेलन में मीडिया पैनलिस्ट मून तालुकदार भी उपस्थित थीं।
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

