मुख्यमंत्री की मौजूदगी में भाजपा असम की कोर कमेटी की बैठक आयोजित
- संगठनात्मक मजबूती, चुनावी प्रदर्शन की समीक्षा और भविष्य की रणनीति पर चर्चा
गुवाहाटी, 03 नवंबर (हि.स.)। असम प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य कोर कमेटी की बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा की उपस्थिति में गुवाहाटी स्थित पार्टी मुख्यालय अटल बिहारी वाजपेयी भवन में आयोजित की गई।
भाजपा असम प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. सरमा के अलावा प्रदेश संगठन महामंत्री रवींद्र राजू, नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी मंगल पांडे, सह-प्रभारी एस फांगनोन कोन्याक और मनोज टिम्बा तथा पूर्वोत्तर के सह-समन्वयक राजीव बब्बर उपस्थित थे।
बैठक में पार्टी की वर्तमान संगठनात्मक स्थिति, विभिन्न स्तरों पर संचालित कार्यक्रमों की प्रगति, संगठनात्मक समन्वय और आगामी राजनीतिक एवं संगठनात्मक कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से बूथ और जमीनी स्तर पर संगठन को और मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा आम जनता के साथ सीधा संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया गया।
बैठक में हाल ही में संपन्न नगांव लोकसभा उपचुनाव और सिलचर नगर निगम चुनाव में भाजपा की जीत की भी समीक्षा की गई। चुनावी परिणामों से जुड़े संगठनात्मक पहलुओं का विश्लेषण करते हुए जनता का विश्वास बनाए रखने और पार्टी के जनाधार को और मजबूत करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
इस बीच, भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो), असम प्रदेश की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने, युवाओं के बीच संगठन की गतिविधियों का विस्तार करने तथा राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में नई पीढ़ी की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई। युवाओं की आकांक्षाओं को संगठनात्मक कार्यक्रमों से जोड़ने और पार्टी नेतृत्व तथा युवा समाज के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
दूसरी ओर, भाजपा असम प्रदेश अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष हबेन सिंह बे की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में राज्य के कैबिनेट मंत्री डॉ. रनोज पेगू, बिश्वजीत दैमारी तथा प्रदेश भाजपा की सह-प्रभारी एवं सांसद एस फांगनोन कोन्याक शामिल हुए।
कार्यशाला में देश के स्वतंत्रता संग्राम में भगवान बिरसा मुंडा के ऐतिहासिक योगदान और औपनिवेशिक शोषण के खिलाफ उनके संघर्ष को याद किया गया। जनजातीय समाज की भूमि, अधिकार, पहचान और सांस्कृतिक विशिष्टता की रक्षा में उनके योगदान पर भी प्रकाश डाला गया।
इसके अलावा जनजातीय गौरव दिवस के महत्व, जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास एवं विरासत के संरक्षण, संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा, शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण पर चर्चा हुई।
प्रतिभागियों ने बिरसा मुंडा के त्याग, साहस, देशभक्ति और आत्मसम्मान के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने तथा जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के माध्यम से समृद्ध असम और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प दोहराया।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

