असम में बाढ़ प्रभावित परिवारों को ₹112 करोड़ की पहली डीबीटी सहायता शुरू, व्यापक राहत पैकेज की घोषणा
गुवाहाटी, 03 अगस्त (हि.स.)। असम के मुख्य सचिव रवि कोटा ने सोमवार को बताया कि हालिया बाढ़ से प्रभावित शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों के लगभग 75 हजार पात्र परिवारों के लिए राज्य सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के प्रथम चरण की शुरुआत कर दी है। इस चरण के तहत प्रत्येक परिवार के बैंक खाते में 15 हजार रुपये की सहायता राशि भेजी जा रही है, जिस पर लगभग 112 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह प्रक्रिया 5 अगस्त तक पूरी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी प्रभावित परिवार सहायता से वंचित न रहे। 15 हजार रुपये की सहायता में वस्त्रों के लिए 2,500 रुपये, बर्तनों के लिए 2,500 रुपये, एसडीआरएफ के तहत आजीविका सहायता के रूप में 3,000 रुपये तथा राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त 7,000 रुपये शामिल हैं।
मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य सरकार ने कई अतिरिक्त राहत उपायों को भी मंजूरी दी है। इसके तहत शिवसागर और चराईदेव के प्रभावित परिवारों को 10 अगस्त से 10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। इन दोनों जिलों में जुलाई माह के दौरान घरेलू उपभोक्ताओं के 300 यूनिट तक के बिजली बिल माफ किए जाएंगे तथा एक वर्ष के लिए भूमि राजस्व (खजाना) से भी छूट दी जाएगी।
सरकार ने पात्र परिवारों को क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण, पशुधन हानि, हैंड ट्यूबवेल लगाने, करघों एवं हथकरघा उत्पादों के नुकसान तथा फसल एवं अन्य आजीविका संबंधी क्षति के लिए भी निर्धारित मानकों के अनुसार वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा बाढ़ प्रभावित आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों और नामघरों की मरम्मत के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। बीमा दावों के त्वरित निपटारे के लिए प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे तथा चौबीसों घंटे हेल्पलाइन संचालित की जाएगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में मेगा स्वास्थ्य शिविर लगाएगा, जबकि पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विभाग पशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेगा।
मुख्य सचिव ने बताया कि सरकार अब तक 4,182 मैट्रिक टन चावल, 865 मैट्रिक टन दाल, 3.34 लाख लीटर सरसों तेल, 386 मैट्रिक टन नमक सहित पेयजल, बिस्कुट, शिशु आहार और अन्य आवश्यक राहत सामग्री वितरित कर चुकी है। बाढ़ में मृत प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 9 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता दी जा रही है तथा मलबा हटाने के लिए 5.64 करोड़ रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
रवि कोटा ने जिला प्रशासन, आपदा राहत बलों, स्वयंसेवकों और सामाजिक संगठनों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि असम सरकार नकद और वस्तु दोनों रूपों में हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने तथा प्रभावित परिवारों के शीघ्र पुनर्वास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
------------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

