विधानसभा में मंत्री हजारिका और विधायक अखिल के बीच हुआ वाद-विवाद
गुवाहाटी, 06 जुलाई (हि.स.)। असम विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन साेमवार काे सदन में प्रश्नकाल के दौरान गर्माहट देखने को मिली। राइजर दल के अध्यक्ष एवं शिवसागर से विधायक अखिल गोगोई के द्वारा गृह मंत्रालय से संबंधित पूछे गये प्रश्न का मुख्यमंत्री की ओर से उत्तर दे रहे मंत्री पीयूष हजारिका के बीच जमकर वाद-विवाद देखा गया।
अखिल गोगोई द्वारा पुलिस मामले से संबंधित पूछे गये विशेष प्रश्न की वजह से विधायक और मंत्री पीयूष हजारिका के बीच जारी विवाद के चलते विधानसभा अध्यक्ष रंजीत कुमार दास को हस्तक्षेप करना पड़ा।
विवाद के दौरान दोनों नेताओं को प्रसंग से हटकर व्यक्तिगत स्तर पर तंज कसते भी देखा गया। अखिल गोगोई को मंत्री पीयूष हजारी ने उसके डेटा के साथ अदालत जाने की धमकी दी। उल्लेखनीय है कि, अखिल गोगोई को मंत्री हजारिका ने चुनाव आयोग को दिए गये शपथनामे में गलत तथ्य दिए जाने का आरोप लगाते हुए अदालत में जाने की चेतावनी दी। अखिल गोगोई ने सरकार से पुलिस के द्वारा थानों में जीडी और एफआईआर दर्ज करने को लेकर सवाल उठाते हुए जवाब मांगा था।
उस प्रश्न के उत्तर में मंत्री पीयूष हाजारिका ने कहा कि असम पुलिस के मामले में सबसे ज्यादा झूठ बोलने वाला व्यक्ति अखिल गोगोई ही है। उनके खिलाफ असम के अलग-अलग थानों में अभी भी 32 मामले दर्ज हैं। मंत्री की यह बात सुनने के बाद अखिल गोगोई पलटकर कहा कि मेरे खिलाफ पूरे असम में 165 मामले हैं। इनमें से 50 मामलों में मैं पहले ही निर्दोष माना जा चुका हूं।
अखिल गोगोई की यह बात सुनने के बाद मंत्री पीयूष हाजारिक ने पलटकर अखिल गोगोई से कहा कि चुनाव आयोग को दिए शपथनामे के अनुसार उनके खिलाफ 21 मामले हैं। इसलिए अखिल गोगोई के इस झूठ के खिलाफ हम अदालत जाएंगे।
सदन में इस वाक-युद्ध के बाद अखिल गोगोई बाहर आकर मीडिया के सामने कहा कि पियूष हजारिक को आज सदन में धो दिया है। इस बीच पीयूष हजारिक को अखिल गोगोई को सर्वज्ञानी कहकर ताना कसते हुए देखा गया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

