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असम विस चुनाव 2026 : पलाशबारी विस क्षेत्र का चुनावी संघर्ष बन रहा आकर्षक

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असम विस चुनाव 2026 : पलाशबारी विस क्षेत्र का चुनावी संघर्ष बन रहा आकर्षक


कामरूप (असम), 27 फरवरी (हि.स.)। राज्य में 16वीं असम विधानसभा चुनाव के दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे क्षेत्रवार राजनीतिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं। निचले असम के ऐतिहासिक पलाशबारी क्षेत्र में भी चुनावी तैयारी शुरू हो गई है। चुनाव की तारीख घोषित होने से पहले ही पलाशबारी विधानसभा क्षेत्र का चुनावी संघर्ष आकर्षक बन गया है। पलाशबारी क्षेत्र में सत्ताधारी दल भाजपा के अंदर टिकट पाने के लिए संभावित उम्मीदवारों में रस्सा-कस्सी तेज हो गयी है। टिकट को लेकर असम गण परिषद (अगप) और भाजपा के बीच भी टकराव शुरू हो गया है। पलाशबारी क्षेत्र में विपक्षी दल भी पीछे नहीं हैं।

उल्लेखनीय है कि, 29 नंबर पलाशबारी विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक नेताओं की पूरी सक्रियता देखी जा रही है। पलाशबारी क्षेत्र का भाजपा उम्मीदवार इस बार कौन होगा, इसको लेकर व्यापक चर्चा चल रही है। क्षेत्र के वर्तमान विधायक हेमांग ठाकुरिया के खिलाफ स्थानीय स्तर पर तीव्र गुस्सा और असंतोष देखा गया है। वहीं, विधायक हेमांग ठाकुरिया ने इस बार भी टिकट उन्हें मिलने की उम्मीद व्यक्त की है। इसके विपरीत, विधायक के खिलाफ परिवार के लोगों के बीच विश्वासघात और वादों को पूरा न करने का आरोप है। उनके प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार के रूप में युवा व्यापारी हिमांशु, युवा नेता अनुप मेधी भी सक्रियता दिखा रहे हैं।

दूसरी ओर पूर्व सांसद एवं वर्मतमान में राज्यपाल रमेन डेका की बेटी और युवा नेता आयुष्मिता डेका और हाजो की विधायक सुमन हरिप्रिया ने भी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के संभावित उम्मीदवार के रूप में चुनावी अभियान शुरू कर दिया है, जिसके चलते पलाशबारी क्षेत्र का चुनावी मुकाबला आकर्षक बन गया है।

वहीं, विधानसभा पुनर्गठन में छयगांव विधानसभा खोने के बाद विधानसभा के पूर्व विधायक कमला कलिता इस बार पलाशबारी क्षेत्र से प्रतिस्पर्धा करने का मन बना चुके हैं। इसको लेकर क्षेत्र में अगप-भाजपा के गठजोड़ के बीच टिकट केंद्रित संघर्ष शुरू हो गया है। इस बीच अगप के मजबूत गढ़ माने जाने वाले पलाशबारी में इस बार चुनाव लड़ने की बात डॉ. कमला कलिता ने दृढ़ता से व्यक्त की है। जबकि शासक दल के प्रत्याशियों के बीच चल रहे अंतरद्वंद के परिणामस्वरूप पूरे क्षेत्र का चुनावी समीकरण आकर्षक बन गया है। जबकि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने घोषणा की है कि अगर हिमांशु और हेमांग ठाकुरिया के बीच मुकाबला तीव्र हो गया तो पार्टी तीसरे किसी उम्मीदवार को प्राथमिकता दे सकती है। इस मामले में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका की बेटी आयुष्मिता डेका टिकट पा सकती हैं। हालांकि, 29 नंबर पलाशबारी विधानसभा क्षेत्र में बाहरी उम्मीदवार के खिलाफ एकत्रित युवा परिषद के मुख्य सलाहकार विद्युत कलिता सक्रिय हो गए हैं।

इस क्षेत्र में कांग्रेस के प्रचार में बिल्कुल कमी देखी जा रही है। बीच-बीच में कांग्रेस के लिए मुनमी दत्त के एक-दो पोस्टर देखने को मिल रहे हैं। पहले पलाशबारी क्षेत्र में कांग्रेस के लिए नव तालुकदार का नाम चर्चा में था। वहीं, असम जातीय परिषद के पंकज लोचन गोस्वामी ने पहले भी इस क्षेत्र से प्रतिस्पर्धा की थी और इस बार भी प्रतिस्पर्धा करने की संभावना है। उसी तरह तृणमूल कांग्रेस के बिकास मेधी ने जगह-जगह पोस्टर लगाए हैं और सक्रियता दिखाई है।

ज्ञात हो कि, विधानसभा पुनर्निर्धारण के बाद पलाशबारी विधानसभा क्षेत्र में जनसंख्या काफी बदल गई है। विधानसभा पुनर्निर्धारण के कारण पलाशबारी विधानसभा का नक्शा बदल गया। इस विधानसभा में नए जुड़ाव के रूप में छहगांव, पश्चिम गुवाहाटी विधानसभा के छह गांव पंचायत जोड़े गए हैं। दोनों विधानसभा क्षेत्रों के 6 गांव पंचायत जोड़ने के साथ ही विधानसभा का नक्शा बदल गया। पलाशबारी विधानसभा में रानी, सज्जन पारा जनजातीय आबादी वाले क्षेत्र शामिल कर लिए गए हैं। इसके कारण इसकी जनसंख्या काफी बदल गई है। रानी पहले पश्चिम गुवाहाटी विधानसभा के अधीन था।

पलाशबारी विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या 2,15,489 है। पलाशबारी विधानसभा में पुरुष मतदाताओं की संख्या 1,52,42 है। इसी प्रकार, पलाशबारी विधानसभा में महिला मतदाताओं की संख्या 1,10,249 है। वहीं विधानसभा में राभा जनजाति के 28 हजार से अधिक मतदाता हैं। कोच राजवंशी मतदाता लगभग 69 हजार, बोड़ो जनजाति के लगभग 5,550 मतदाता, अनुसूचित जाति के लगभग 11,500 मतदाता, बंगाली समुदाय के लगभग 4,500 मतदाता, गारो जनजाति के लगभग 2 हजार मतदाता, हिंदी भाषियों के लगभग 2,500 मतदाता और अल्पसंख्यक समुदाय के लगभग 25 हजार मतदाता हैं।

सत्ताधारी दल के अंदर ही उम्मीदवार केंद्रित मतभेद हैं, वहीं पूर्व में अगप का किला माने जाने वाली विधानसभा में गठबंधन के बीच सीट केंद्रित संघर्ष और बाहरी उम्मीदवार को लेकर चल रही चर्चाएं पलाशबारी विधानसभा में आखिरी हंसी कौन हंसेगा यह देखना महत्वपूर्ण होगा।--------------------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय