home page

असम विस चुनाव 2026 : निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्निर्धारण से बदल गई कलियाबोर विस क्षेत्र की रूपरेखा

 | 
असम विस चुनाव 2026 : निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्निर्धारण से बदल गई कलियाबोर विस क्षेत्र की रूपरेखा


नगांव (असम), 27 फरवरी (हि.स.)। असम में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गयी हैं। 16वीं असम विधानसभा चुनाव का दिन करीब पहुंचते ही निर्वाचन क्षेत्रवार राजनीतिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं। ऐतिहासिक तथा असम के एक महत्वपूर्ण स्थल कलियाबोर में चुनावी उत्साह शुरू हो गया है। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन समेत अन्य आंदोलनों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला कलियाबोर भाषा-साहित्य के क्षेत्र में भी एक विशेष प्रतिष्ठा रखता है। छह वर्षों तक चले असम आंदोलन का नेतृत्व करने वाले समस्त असम छात्र संघ के तत्कालीन अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार महंता का घर कलियाबोर में है। बाद में कलियाबोर और नगांव विधानसभा क्षेत्र का विधायक चुनकर असम के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री के रूप में प्रफुल्ल कुमार महंता ने शपथ ग्रहण किया था।

जिला नगांव के कलियाबोर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की रूपरेखा परिसीमन के बाद फिर से बदल गया है। कलियाबोर विधानसभा क्षेत्र की जनसंख्या भी बदल गई है। पहले की तुलना में कलियाबोर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं की संख्या बढ़ गई है। परिसीमन के बाद कलियाबोर क्षेत्र का वर्तमान क्रमांक 57 हो गया है। पहले के 89 नंबर कलियाबोर विधानसभा क्षेत्र में दो विकास खंडों में कुल 18 ग्राम पंचायतें थीं। सीमांकन के बाद चार ग्राम पंचायतों के शामिल होने से यह संख्या 22 तक बढ़ गई, हालांकि बोरघुली ग्राम पंचायत रूपही क्षेत्र में और कठालगुड़ी ग्राम पंचायत सामागुड़ी क्षेत्र में शामिल हो गई।

विश्व धरोहर क्षेत्र काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के दो महत्वपूर्ण वन क्षेत्र बूढ़ापहाड़ और बागड़ी वन क्षेत्र कलियाबोर ब्लॉक के अंतर्गत आते हैं। यातायात की दृष्टि से कलियाबोर एक बहुत ही सुलभ स्थान है। उपरी, निचले और बराक घाटी के 715 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग का केंद्र बिंदु भी कलियाबोर है।

साल 1985 के चुनाव के बाद से, कलियाबोर क्षेत्र में असम गण परिषद (अगप) पार्टी के उम्मीदवारों का प्रभुत्व जातीयतावादी ध्वजवाहक क्षेत्र के रूप में माना जाता है। इसके बीच 1991 के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार बलोराम नाग असम गण परिषद के उम्मीदवार गुनीन हाजरिका को पराजित करने में सफल रहे। इसके बाद से अगप के गुनीन हाजरिका ने 1996 और 2001 में लगातार दो बार और केशव महंत 2006 से लगातार चार बार विजयी होकर पांचवीं बार चुनाव में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।

विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या 1,94,336 है। इसमें पुरुष मतदाता 96,424 हैं। जबकि महिला मतदाता 97,906 हैं, तीसरे लिंग के केवल 6 मतदाता हैं। मतदाता सूची के प्रारूप के अनुसार जाति-जनसंख्या, भाषा-भाषी मतदाताओं की संख्या इस प्रकार है – हिंदू बंगाली–49,044, चाय जनजाति के लोग–46,567, धार्मिक अल्पसंख्यक–41,132, असमिया–36,753, नेपाली–6,996, बोड़ो–6,117, कार्बी–4,169 और बिहारी/मारवाड़ी–3,556 हैं।

उल्लेखनीय है कि, 2021 के विधानसभा चुनाव के चार उम्मीदवारों में से अगप (गठबंधन) के केशव महंता ने 73,677 वोट, कांग्रेस (महागठबंधन) के प्रशांत कुमार सैकिया ने 44,957 वोट, असम जातीय परिषद के मुकुल बोरुवा ने 2,627 वोट और स्वतंत्र उम्मीदवार भास्कर शर्मा ने 1,676 वोट प्राप्त किए। इसके अलावा नोटा को 1,809 वोट मिले। अगप-भाजपा गठबंधन के उम्मीदवार केशव महंता ने प्रतिद्वंदी उम्मीदवार कांग्रेस महागठबंधन के प्रशांत कुमार सैकिया के मुकाबले 28,720 वोट के अंतर से जीत हासिल की। इसके बाद भी यहां पर चुनाव काफी दिलचस्प नजर आ रहा है।-------------------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय