असम विस चुनाव 2026: दिसपुर विस क्षेत्र में कौन लहराएगा परचम
गुवाहाटी, 01 मार्च (हि.स.)। असम विधानसभा चुनाव 2026 के चुनाव नजदीक आते ही क्षेत्रवार राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। असम के इतिहास में 2026 के विधानसभा चुनाव को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्योंकि, क्षेत्र पुनर्निर्धारण के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव आयोजित होंगे। प्रतिष्ठित दिसपुर क्षेत्र में चुनावी हवा तेज हो गयी है। पांच बार प्रतिनिधित्व करने वाले अतुल बोरा इस बार क्षेत्र में आखिरी हंसी हस पाएंगे या नहीं, यह वर्तमान में लाख टके का सवाल बन गया है।
उल्लेखनीय है कि, दिसपुर में असम विधानसभा का बजट सत्र 16 मार्च, 1973 को आयोजित होने के साथ ही दिसपुर असम विधानसभा का केंद्र बिंदु बन गया। निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्निर्धारण के बाद दिसपुर निर्वाचन क्षेत्र की सीमाओं में व्यापक परिवर्तन हुए हैं। निर्वाचन क्षेत्र के पुनर्निर्धारण ने दिसपुर निर्वाचन क्षेत्र पर प्रभाव डाला है। पहले दिसपुर निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 4 लाख 6 हजार मतदाता थे। निर्वाचन क्षेत्र के पुनर्निर्धारण के बाद दिसपुर निर्वाचन क्षेत्र को दो भागों में विभाजित किया गया। 33 नंबर दिसपुर और 34 नंबर डिमोरिया निर्वाचन क्षेत्र का सृजन किया गया है। वर्तमान में दिसपुर निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या लगभग 2.49 लाख है।
पूर्व के पश्चिम गुवाहाटी और पूब गुवाहाटी विधानसभा क्षेत्रों के कई इलाके अब दिसपुर क्षेत्र के अंतर्गत शामिल किये गये हैं। उसी तरह दिसपुर क्षेत्र के पूर्व के कई इलाके क्षेत्र पुनर्निर्धारण के बाद नए रूप में बनी डिमोरिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत शामिल हो गये हैं। नए सीमांकन के साथ गठित दिसपुर क्षेत्र में गुवाहाटी नगर निगम (जीएमसी) के 13 वार्ड शामिल किए गए हैं। पूर्व के पश्चिम गुवाहाटी के कई इलाके दिसपुर क्षेत्र में शामिल हैं, जिनमें दक्षिण गांव सोनाईघुली क्षेत्र प्रमुख है। पूर्व के पश्चिम गुवाहाटी निर्वाचन क्षेत्र के 22, 24, 25 नंबर जीएमसी वार्ड इस बार दिसपुर निर्वाचन क्षेत्र में शामिल किए गए हैं। साथ ही पूर्व गुवाहाटी निर्वाचन क्षेत्र के 26, 28, 40 और 39 नंबर जीएमसी के वार्ड का कुछ हिस्सा दिसपुर में सम्मिलित किया गया है। कुल 13 वार्डों से बने दिसपुर अब पूरी तरह से शहरी क्षेत्र है। 33 नंबर दिसपुर विधानसभा क्षेत्र में गुवाहाटी नगर निगम का 16 नंबर वार्ड का लालगणेश, उदालबाकरा, ज्योतिकुची, 17 नंबर वार्ड का साउकुची, 22 नंबर वार्ड का लुतुमा, काहिलिपारा पावर हाउस, 24 नंबर वार्ड का उदयाचल, गणेशगुरी, 26 नंबर वार्ड का श्रीमंतपुर, 43 नंबर वार्ड का क्रिस्चियन बस्ती, आनंदनगर, 44 नंबर वार्ड का चिड़ियाखाना, जापरीगोग का हिस्सा, 55 नंबर वार्ड का बेलतला, सर्वे, रुक्मिणीगांव, 56 नंबर वार्ड का बशिष्ठ, लताकटा, 57 नंबर वार्ड का भेटापारा, बशिष्ठ, घोरामारा, 58 नंबर वार्ड का बेलतला क्षेत्र, 59 नंबर वार्ड का काहिलिपारा, हाथीगांव और 60 नंबर वार्ड का हाथीगांव, भेटापारा का विस्तृत क्षेत्र शामिल है।
मतदाता सूची के अनुसार दिसपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 2,43,176 है। इनमें से 1,17,027 पुरुष, 1,26,137 महिला और 12 तृतीय लिंग के मतदाता हैं। क्षेत्र में पुरुषों की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या अधिक है। क्षेत्र में मतदान केंद्रों की संख्या पहले के 249 से बढ़ाकर 272 कर दी गई है। दिसपुर क्षेत्र के वर्तमान विधायक भाजपा के अतुल बोरा हैं। 2016 से अतुल बोरा लगातार क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। 2021 के चुनाव में अतुल बोरा ने 1,96,043 वोट प्राप्त करके जीत हासिल की। जबकि, 74,386 वोट प्राप्त करके दूसरे स्थान पर कांग्रेस के मनजीत महंत थे। वहीं 2016 के चुनाव में अतुल बोरा ने कांग्रेस के प्रभावशाली नेता अकन बोरा को हराया था। उल्लेखनीय है कि असम आंदोलन के नेता अतुल बोरा ने 1985 में निर्दलीय और 1991 तथा 1996 में अगप के रूप में विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। इसके बाद 2001 में कांग्रेस के रोबीन बोरदलोई ने प्रतिनिधित्व किया। वहीं 2006 और 2011 में दिसपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कांग्रेस के अकन बोरा ने किया।
उल्लेखनीय है कि, राज्य के एक प्रमुख दिसपुर निर्वाचन क्षेत्र में इस बार वर्तमान विधायक अतुल बोरा के समानांतर प्रत्याशित्व की दावेदारी के साथ ही प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपाध्यक्ष जयंत दास के साथ-साथ मानस बोरा, रंजीत मजूमदार, जयंत डेका, जानकी खाउंड, उमी डेका बरुवा, कंकना गोस्वामी, आशीष भराली प्रमुख नेता और कार्यकर्ता अभियान जारी रख रहे हैं। वहीं प्रत्याशित्व की दावेदारी करते हुए जयंत दास ने वाजपेयी भवन में भी आवेदन किया है। निर्वाचन क्षेत्र में प्रत्याशि पहले ही मतदाताओं के बीच जाकर सभाएं और बैठकें आयोजित कर जनता से समर्थन प्राप्त करने के लिए अनौपचारिक प्रतियोगिता में उतर चुके हैं। विशेष रूप से जयंत दास और मानस बोरा युद्ध स्तर पर मैदान में उतर चुके हैं। प्रत्याशियों ने इस प्रकार अतुल बोरा के सामने चुनौती पैदा की है, लेकिन निश्चित रूप से अंतिम क्षण में किसका भाग्य चमकेगा, यह विशेष रूप से ध्यान देने योग्य होगा।---------------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

