असम विधानसभा चुनाव 2026: नवगठित डिमोरिया सीट पर बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
गुवाहाटी, 05 मार्च। सोलहवीं असम विधानसभा चुनाव 2026 के नजदीक आते ही राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बार चुनाव क्षेत्र पुनर्निर्धारण (डिलिमिटेशन) के बाद पहली बार कराया जा रहा है, जिसके कारण कई पुराने विधानसभा क्षेत्रों का स्वरूप बदल गया है और कुछ नए क्षेत्र भी बनाए गए हैं।
पुनर्निर्धारण से पहले कामरूप (मेट्रो) जिले में चार विधानसभा क्षेत्र दिसपुर, पूर्व गुवाहाटी, पश्चिम गुवाहाटी और जालुकबाड़ी थे। पुनर्निर्धारण के बाद अब इनकी संख्या बढ़कर पांच हो गई है।
इस प्रक्रिया में पूर्व गुवाहाटी और पश्चिम गुवाहाटी क्षेत्रों को समाप्त कर उनकी जगह न्यू गुवाहाटी और गुवाहाटी सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र बनाए गए हैं। इसके अलावा एक नया 34 नंबर डिमोरिया विधानसभा क्षेत्र भी गठित किया गया है, जिसे अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित किया गया है।
नवगठित डिमोरिया विधानसभा क्षेत्र मुख्य रूप से पूर्व के दिसपुर विधानसभा क्षेत्र के एक बड़े हिस्से को अलग कर बनाया गया है। यह क्षेत्र गुवाहाटी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इस निर्वाचन क्षेत्र में गुवाहाटी नगर निगम के कुछ वार्डों के अलावा आसपास के विकासखंडों को भी शामिल किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से वार्ड संख्या 46 (नूनमाटी का कुछ हिस्सा), वार्ड संख्या 49 (मठघरिया, गीता नगर, पथरक्वेरी का हिस्सा) तथा वार्ड संख्या 52 (डाउन टाउन, द्वारका नगर का हिस्सा) शामिल हैं।
इसके अलावा चंद्रपुर, डिमोरिया और नारंगी विकासखंड के कुछ हिस्सों तथा कई ग्राम पंचायतों को मिलाकर इस बड़े निर्वाचन क्षेत्र का गठन किया गया है।
राजनीतिक गठबंधन के आधार पर यह सीट असम गण परिषद (अगप) को मिलने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में इस दल से उम्मीदवार बनने की दौड़ में कई नाम सामने आ रहे हैं।
असम राज्य वस्तु निगम के उपाध्यक्ष और क्षेत्रीय दल के युवा नेता डॉ. तपन कुमार दास को संभावित दावेदारों में प्रमुख माना जा रहा है। उन्होंने पहले ही क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से भी कई नेता टिकट के इच्छुक बताए जा रहे हैं, जिनमें नवारुण मेधी, विजय पाठक, सुजित विश्वास और दिव्यज्योति मेधी के नाम प्रमुख हैं। हालांकि अंतिम रूप से किस दल से कौन उम्मीदवार बनेगा, इसका फैसला आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।
डिमोरिया विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,16,949 मतदाता हैं। इनमें 1,05,384 पुरुष, 1,11,559 महिलाएं और 6 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं। इस क्षेत्र में महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। पूरे क्षेत्र में कुल 262 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
नवगठित क्षेत्र के मतदाताओं ने इस बार स्थानीय उम्मीदवार को प्राथमिकता देने की मांग उठाई है। कई लोगों का कहना है कि पहले जब यह क्षेत्र दिसपुर विधानसभा क्षेत्र में शामिल था, तब स्थानीय समस्याओं का सही समाधान नहीं हो पाता था।
मतदाताओं का मानना है कि ऐसा प्रतिनिधि चुना जाए जो क्षेत्र में आसानी से उपलब्ध हो और लोगों की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझ सके।
डिमोरिया सीट को अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित किए जाने पर क्षेत्र में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। संपूर्ण असम ट्राइबल संघ के सचिव धीरेन इंग्ति ने कहा कि इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में जनजातीय (एसटी) आबादी है, इसलिए कुछ लोगों में इसे एससी के लिए आरक्षित किए जाने को लेकर असंतोष भी है।
राजनीति के जानकारों का भी मानना है कि आगामी चुनाव में जनजातीय मतदाता निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।---------------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

