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चुनाव 26 : चाय जनजाति समेत छह समुदायों को जनजाति का दर्जा देने के नाम पर डॉ. सरमा ने दिया धोखा दिया : बंधु तिर्की

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चुनाव 26 : चाय जनजाति समेत छह समुदायों को जनजाति का दर्जा देने के नाम पर डॉ. सरमा ने दिया धोखा दिया : बंधु तिर्की


गुवाहाटी, 26 मार्च (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा को आज जनता और विपक्ष के सवालों का जवाब देना होगा। यह बातें गुरुवार काे असम कांग्रेस के चुनाव पर्यवेक्षक तथा झारखंड के पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने गुवाहाटी स्थित असम प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कही।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय जब तरुण गोगोई मुख्यमंत्री थे, तब चाय बागान के श्रमिकों के लिए एक विशेष समिति बनाई गई थी, जिसका उद्देश्य मजदूरी निर्धारण करना था। लेकिन भाजपा सरकार बनने के बाद और डॉ. सरमा के मुख्यमंत्री बनने पर इस समिति को निष्क्रिय कर दिया गया और इसे अपना कार्य करने नहीं दिया गया। तिर्की ने पूछा कि इस समिति को निष्क्रिय क्यों किया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि चाय श्रमिकों को उनका उचित पारिश्रमिक नहीं मिला। भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री ने आदिवासी चाय श्रमिकों के साथ धोखा किया। 20–30 रुपये की वृद्धि की गई, लेकिन कोई औपचारिक समझौता नहीं किया गया और मजदूरी निर्धारण के नियमों को लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में आदिवासी और चाय श्रमिकों को कमजोर करने का प्रयास किया गया है।

तिर्की ने यह भी कहा कि चाय श्रमिकों की दैनिक मजदूरी क्यों निर्धारित नहीं की गई, इसका जवाब मुख्यमंत्री को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में मजदूरी निर्धारण का वादा किया गया था, लेकिन उसे पूरा नहीं किया गया।

गंभीर आरोप लगाते हुए तिर्की ने कहा कि वर्तमान सरकार बनने के बाद असम में बड़े पैमाने पर चाय बागानों की बिक्री हुई है। चराईदेव चाय बागान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कई बागान बंद हो गए और कई बेचे गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत सरकार के अधीन 12 चाय बागानों में मजदूरी और राशन समय पर नहीं दिया जा रहा है, जो श्रमिकों के साथ धोखा है।

तिर्की ने असम में व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि आज हर व्यक्ति मुख्यमंत्री के “सिंडिकेट” के बारे में जानता है, जिसके कारण राज्य में सरकार के खिलाफ माहौल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि लोग डर के कारण खुलकर नहीं बोलते, लेकिन आने वाले दिनों में आवाज उठाएंगे। तिर्की ने कहा कि इस बार आदिवासी और चाय श्रमिकों ने डॉ. सरमा को सत्ता से हटाने का संकल्प लिया है और गौरव गोगोई के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार बनाने का निर्णय किया है।

चुनाव से पहले भूमि पट्टा वितरण को लेकर तिर्की ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी निशाना साधा और कहा कि यह केवल “जुमलेबाजी” है। उन्होंने कहा कि छह समुदायों को जनजाति का दर्जा देने का वादा 12 साल बाद भी पूरा नहीं हुआ। उन्होंने यह भी प्रश्न किया कि जब चाय कंपनियों ने भूमि के बदले ऋण लिया हुआ है, तो बिना स्पष्टता के पट्टा कैसे दिया जा सकता है। उन्होंने भाजपा को “महाठग” करार दिया और कहा कि 350 रुपये मजदूरी देने में भी विफल रही है।

तिर्की ने कहा कि कांग्रेस जल्द ही अपना घोषणापत्र जारी करेगी और राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी जैसे नेता असम में चुनाव प्रचार करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस बार विशेष रणनीति बनाई है और गौरव गोगोई जैसे शिक्षित और ईमानदार नेता पार्टी के पास हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग व्यक्तिगत स्वार्थ के कारण पार्टी छोड़ चुके हैं, उनके जाने से पार्टी मजबूत हुई है।

तिर्की ने दावा किया कि 9 अप्रैल को असम में नई सरकार बनेगी और जनता इस बार बदलाव के लिए वोट देगी। उन्होंने कहा कि भाजपा के 10 वर्षों के शासन और डॉ. सरमा के मुख्यमंत्री बनने के बाद किए गए वादे पूरे नहीं हुए, विशेषकर छह समुदायों के साथ धोखा हुआ।

संवाददाता सम्मेलन में एआईसीसी के राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक अरुण त्रिपाठी और एपीसीसी मीडिया विभाग के अध्यक्ष बेदब्रत बोरा भी उपस्थित थे। ------------------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय