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विद्यालय शिक्षा एवं उच्च शिक्षा के बजट कटौती प्रस्ताव को विपक्ष ने चर्चा के बाद वापस लिया

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विद्यालय शिक्षा एवं उच्च शिक्षा के बजट कटौती प्रस्ताव को विपक्ष ने चर्चा के बाद वापस लिया


गुवाहाटी, 23 जुलाई (हि.स.)। 16वीं असम विधानसभा बजट सत्र के दौरान आज 10वें दिन विपक्ष की ओर से विद्यालय शिक्षा एवं उच्च शिक्षा के बजट कटौती प्रस्ताव पर दो दिनों तक चली चर्चा के बाद विपक्ष ने अपना प्रस्ताव वापस ले लिया। जिसके बाद शिक्षा विभाग के बजट को पारित किये जाने का रास्ता साफ हो गया।

विधानसभा अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने कटौती प्रस्ताव पर चर्चा के अंत में कहा कि दो दिनों में 50 विधायकों ने लंबी चर्चा की। जिससे शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय की महत्ता और बढ़ गयी है। विपक्षी विधायकों ने यह साफ किया कि कटौती प्रस्ताव लाने का उनका मुख्य उद्देश्य इस विषय की गंभीरता को उजागर करना था, सरकार इस क्षेत्र में और धन का आवंटन करे, उसका वे समर्थन करेंगे।

चर्चा के अंत में राज्य के शिक्षा मंत्री डॉ. रनोज पेगू ने इस मुद्दे पर हुई सार्थक एवं लंबी चर्चा का स्वागत करते हुए विधायकों द्वारा उठाए गये सभी मुद्दों का जवाब देते हुए सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से सभी मुद्दे के समाधान का आश्वासन दिया।

शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष वाजेद अली चौधरी, एआईयूडीएफ के विधायक मुजिबुर रहमान, टीएमसी के विधायक शेरमान अली अहमद ने कटौती प्रस्ताव को वापस ले लिया।

उल्लेखनीय है कि विद्यालय शिक्षा एवं उच्च शिक्षा के बजट कटौती प्रस्ताव प्रस्ताव पर 22 जुलाई से आरंभ हुई चर्चा के दूसरे दिन आज कांग्रेस के नुरुल हुदा, डॉ. जय प्रकाश दास, जाकिर हुसैन सिकदर, महिबुर रहमान, नुरुल इस्लाम, वाजेद अली चौधरी, अब्दुर रहीम अहमद, एआईयूडीएफ मुजिबुर रहमान, टीएमसी के शेरमान अली अहमद ने कटौती प्रस्ताव के समर्थन में चर्चा किया। जबकि, भाजपा के प्रकाश चंद्र दास, तुलीराम रांग्हांग, पुलक गोहाईं, निसो तेरंग्पी, ऋतुबरन शर्मा, भुवन गाम, पवित्र राभा, विक्टर कुमार दास, शशिकांत दास, किशोर नाथ, हिमांशु शेखर वैश्य एवं अगप के जीवेश राय कटौती प्रस्ताव के विरोध में चर्चा में हिस्सा लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय