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असम: मंत्रियों से वार्ता के बाद अखिल गोगोई ने वापस लिया सत्याग्रह, बाढ़ पीड़ितों के मुआवजे की थी मांग

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असम: मंत्रियों से वार्ता के बाद अखिल गोगोई ने वापस लिया सत्याग्रह, बाढ़ पीड़ितों के मुआवजे की थी मांग


गुवाहाटी, 15 अक्टूबर (हि.स.)। असम में बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत और मुआवजा देने की मांग को लेकर सत्याग्रह कर रहे राइजर दल के विधायक अखिल गोगोई ने गुरुवार को अपना आंदोलन वापस ले लिया। राज्य सरकार के मंत्री पीयूष हजारिका और केशव महंत के साथ वार्ता के बाद उन्होंने यह फैसला किया। गोगोई बीते 14 दिनों से सत्याग्रह कर रहे थे।

दोनों मंत्री गुरुवार को सत्याग्रह स्थल पर पहुंचे और बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद को लेकर गोगोई की ओर से उठाए गए मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के बाद उन्होंने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। हालांकि, वार्ता में क्या सहमति बनी और सरकार की ओर से कोई विशेष आश्वासन दिया गया या नहीं, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

गोगोई ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और आपदा से जुड़े अन्य मुद्दों पर कार्रवाई की मांग करते हुए अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू किया था। वह दो अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन से असम विधानसभा परिसर में धरने पर बैठे थे। उन्होंने कहा था कि यदि सरकार बाढ़ से प्रभावित दो लाख से अधिक परिवारों को पूरा मुआवजा देती है, तो वह अपना आंदोलन वापस ले लेंगे।

गोगोई के मुताबिक, सरकार के आकलन में करीब 55 हजार प्रभावित परिवारों की पहचान की गई है, जबकि वास्तविक रूप से दो लाख से अधिक परिवारों को सहायता की जरूरत है। उन्होंने सरकारी सर्वेक्षण पर सवाल उठाते हुए आकलन प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया था।

एक संवाददाता सम्मेलन में गोगोई ने कहा था, “सरकार का कहना है कि केवल 55,000 परिवार प्रभावित हुए हैं, जबकि असल संख्या दो लाख से ज्यादा है। यह आंकड़ा गुमराह करने वाला है।”

राइजर दल के नेता ने भाजपा को चुनौती दी थी कि वह बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार को राहत और मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करे। उन्होंने कहा था कि वह ऐसे आंदोलन का समर्थन करेंगे।

गोगोई ने असम के लिए घोषित 1,200 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता को बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए अपर्याप्त बताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र के समक्ष बाढ़ आपदा की गंभीरता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में विफल रही है।

अखिल गोगोई ने बाढ़ की स्थिति से निपटने के तरीके को लेकर राज्य के मंत्रियों सुशांत बोरगोहाईं, मयूर बोरगोहाईं और धर्मेश्वर कोंवर की भी आलोचना की। इसके अलावा, गोगोई ने दावा किया कि ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) की ओर से दिए गए 20 करोड़ रुपये अभी तक मुख्यमंत्री राहत कोष से जारी नहीं किए गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय