चुनाव 26: मुस्लिम मतदाता एआईयूडीएफ के पक्ष में एकजुट होंगे-असदुद्दीन ओवैसी
गुवाहाटी, 03 अप्रैल (हि.स.)। एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के समर्थन में असम विधानसभा चुनाव में प्रचार अभियान चलाने के लिए असम पहुंचे हैं। ओवैसी आज दूसरे दिन बराक घाटी में चुनाव अभियान में हिस्सा लेते हुए एआईयूडीएफ के समर्थन में मतदाताओं से एकजुट होने का आह्वान करेंगे।
ज्ञात हो कि ओवैसी गुरुवार को असम पहुंचे थे। इस दौरान निचले असम के बरपेटा, धुबड़ी आदि जिलों में रात तक धुंआधार चुनाव प्रचार करते हुए दावा किया कि असम में मुस्लिम मतदाता आगामी 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों में एआईयूडीएफ के पक्ष में एकजुट होकर वोट डालेंगे।
इस बीच एक जनसभा को संबोधित करते हुए, ओवैसी ने एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल और उनकी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया और इस क्षेत्रीय पार्टी को राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में एक निर्णायक शक्ति के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि मुसलमान एकजुट होकर वोट डालेंगे, और बदरुद्दीन अजमल के 29 उम्मीदवार जीतेंगे। असम की राजनीति का फैसला एआईयूडीएफ ही करेगी।
ओवैसी ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर नफ़रत की राजनीति करने का आरोप लगाया और इस मुद्दे पर चुप रहने के लिए कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसे राजनीतिक माहौल ने अल्पसंख्यक समुदायों के बीच एआईयूडीएफ के लिए समर्थन को और मज़बूत किया है।
राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे बेदखली अभियानों पर चिंता जताते हुए, ओवैसी ने इस कार्रवाई को पूरी तरह से असंवैधानिक करार दिया। उन्होंने कहा कि अजमल ने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था और कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि अगर यह वन भूमि है, तो उन्हें कोई दूसरी ज़मीन दी जाए। अन्यथा, उन्हें वहां से न हटाया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 50 हजार लोगों को बेदखल किया गया है और इसे सिर्फ़ नफ़रत की वजह से किया गया एक बड़ा अन्याय और मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया।
उन्होंने कहा कि असम में अल्पसंख्यक समुदायों को लंबे समय से चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और उनके अधिकारों तथा सुरक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय मौजूद नहीं हैं। उन्होंने कहा, मैं एक खास मकसद से असम आया हूं। मैं असम में 'मिया मुसलमानों' के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए आवाज़ उठाने आया हूँ।
ओवैसी ने नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिज़न्स (एनआरसी) और नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) जैसे मुद्दों से निपटने के तरीके को लेकर भाजपा और पिछली कांग्रेस सरकारों, दोनों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि असम में दशकों से अल्पसंख्यक समुदाय का इस्तेमाल सिर्फ़ राजनीतिक फ़ायदे के लिए किया जाता रहा है। इस समुदाय की नागरिकता के मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

