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असम में अगले साढ़े चार वर्षों में 20 प्रतिशत अतिरिक्त कृषि भूमि को सिंचाई के दायरे में लाने का लक्ष्य: पीयूष हजारिका

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असम में अगले साढ़े चार वर्षों में 20 प्रतिशत अतिरिक्त कृषि भूमि को सिंचाई के दायरे में लाने का लक्ष्य: पीयूष हजारिका


- बाढ़ प्रभावित शिवसागर और चराइदेव के किसानों को 2.4 लाख नारियल और सुपारी के पौधे वितरित

शिवसागर (असम), 27 अक्टूबर (हि.स.)। असम सरकार अगले साढ़े चार वर्षों में राज्य की अतिरिक्त 20 प्रतिशत कृषि भूमि को सिंचाई के दायरे में लाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। कृषि, सिंचाई एवं संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि इससे कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की वर्षा पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

शिवसागर के बोर्डिंग खेल मैदान में जिला कृषि विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हजारिका ने कहा कि वर्तमान में राज्य की लगभग 21 प्रतिशत कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है। सरकार अगले साढ़े चार वर्षों में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार कर कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर शिवसागर और चराईदेव जिलों के बाढ़ प्रभावित किसानों के बीच नारियल और सुपारी के पौधे वितरित किए गए। मंत्री ने बताया कि हाल में आई बाढ़ से शिवसागर जिले के लगभग 50 हजार किसान प्रभावित हुए हैं। प्रभावित किसानों की सहायता के लिए दोनों जिलों में लगभग 80 हजार नारियल और एक लाख 60 हजार सुपारी के पौधे वितरित किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष पूरे असम में किसानों के बीच लगभग 2.84 लाख नारियल और आठ लाख सुपारी के पौधे वितरित किए जा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य बागवानी को बढ़ावा देना, किसानों की आय के स्रोतों में विविधता लाना और उनके लिए टिकाऊ आजीविका के अवसर पैदा करना है।

आगामी रबी फसल के मौसम के संबंध में मंत्री ने कहा कि शिवसागर और चराईदेव जिलों में खेती के लिए पर्याप्त बीज उपलब्ध हैं। उन्होंने किसानों से बहुफसली खेती अपनाने और कृषि गतिविधियों में विविधता लाने का आग्रह किया, ताकि उत्पादन बढ़ने के साथ उनकी आमदनी में भी वृद्धि हो सके।

असम को अगले साढ़े चार वर्षों में देश के अग्रणी बागवानी राज्यों में शामिल करने की सरकार की योजना का उल्लेख करते हुए हजारिका ने कहा कि ड्रैगन फ्रूट, लीची, आम, कटहल, एप्पल बेर और अगरवुड जैसी फसलों में आय बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं। सरकार किसानों को इन फसलों के पौधे उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के निर्देश पर अगले वर्ष से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पांच से सात लाख फलदार पौधे वितरित करने की योजना बनाई जा रही है। इस पहल को लागू करने के लिए आवश्यक धनराशि जुटाने की तैयारी चल रही है।

कार्यक्रम में मंत्री सुशांत बरगोहाईं, विधायक मयूर बरगोहाईं और अखिल गोगोई सहित जिला प्रशासन तथा कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बाद में हजारिका ने शिवसागर के बेंतबारी में खेत बचाओ अभियान 2.0 के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने किसानों से कृषि भूमि की सुरक्षा, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने का आग्रह किया। इस अवसर पर मंत्री सुशांत बरगोहाईं और विधायक मयूर बरगोहाईं के साथ उन्होंने नारियल के पौधे भी लगाए।

हजारिका ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों की सहायता करने के साथ-साथ सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, बागवानी को प्रोत्साहन और बहुफसली खेती को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश