असम हरित ऊर्जा केंद्र बनने की ओर अग्रसर, ऊर्जा क्षेत्र में 77,353 करोड़ निवेश की योजना : भाजपा
गुवाहाटी, 11 जुलाई (हि.स.)। भाजपा असम प्रदेश के प्रवक्ता मानस शरणिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में असम ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर और हरित ऊर्जा आधारित राज्य के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिजली की बढ़ती मांग और आपूर्ति के बीच अंतर समाप्त करने के लिए 77,353 करोड़ रुपये के निवेश की व्यापक योजना बनाई है, जिससे राज्य भविष्य में अन्य राज्यों की बिजली पर निर्भर नहीं रहेगा।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के बजट में ऊर्जा विभाग के लिए 2,579 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अब तक 1.30 लाख से अधिक उपभोक्ता लाभान्वित हो चुके हैं और 430 मेगावाट से अधिक सौर क्षमता स्थापित की जा चुकी है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 3,000 से 4,000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का है। इसके लिए शोणितपुर, डिब्रूगढ़ और कार्बी आंगलोंग में नई सौर परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी।
शरणिया ने कहा कि बिलासीपाड़ा में 3,200 मेगावाट ताप विद्युत संयंत्र तथा अडानी समूह द्वारा 2,700 मेगावाट की पम्प्ड स्टोरेज परियोजना विकसित की जाएगी। साथ ही 120 मेगावाट क्षमता वाली लोअर कपिली जलविद्युत परियोजना सहित कई परियोजनाओं को राज्य की बिजली व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि 9,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बिजली वितरण प्रणाली का आधुनिकीकरण किया जा रहा है तथा 1,200 करोड़ रुपये की लागत से पुरानी एलटी लाइनों को बदला जाएगा।
उन्होंने कहा कि पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं के माध्यम से कम मांग के समय अतिरिक्त बिजली का भंडारण कर आवश्यकता पड़ने पर उसका उपयोग किया जाएगा, जिससे ग्रिड की स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। स्मार्ट मीटर, ऊर्जा संरक्षण और सेवाओं के डिजिटलीकरण जैसी पहलों से बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय बनी है। शरणिया ने दावा किया कि मजबूत ऊर्जा अवसंरचना के कारण असम निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बन रहा है और राज्य उत्तर-पूर्व के हरित ऊर्जा केंद्र के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

