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अवैध चंदा वसूली के मामले में एक युवक हिरासत में

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जोरहाट, 09 अक्टूबर (हि.स.)। जोरहाट जिला शहर के एटी रोड स्थित राठी ट्रेडर्स नामक व्यावसायिक प्रतिष्ठान में आज कथित तौर पर अवैध चंदा के सिलसिले में धन और सामान की मांग करने पहुंचे चार युवकों में से एक को पुलिस ने हिरासत में लिया। आरोप है कि चारों युवक खुद को वीर लाचित सेना का सदस्य बताकर पांच हजार रुपये नकद और दो पैकेट मसूर दाल की मांग कर रहे थे।

मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर चार युवक राठी ट्रेडर्स में पहुंचे। वहां उन्होंने पांच हजार रुपये और मसूर दाल के दो बोरे देने की मांग की। इसको लेकर मालिक पक्ष और युवकों के बीच विवाद शुरू हो गया। युवकों की इस नाजायज मांग का व्यापारी ने पुरजोर विरोध किया तो युवकों को लेने के देने पड़ गए। मामला बिगड़ता देख युवक दुकान से खिसकने लगे, लेकिन एक को पकड़ा गया। पुलिस को सूचना दी गई तो वीर लाचित सेना के सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। संगठन सदस्यों ने साफ कहा कि डिमांड कर रहे युवक वीर लाचित सेना के सदस्य नहीं हैं।

पुलिस ने पकड़े गए एक युवक को हिरासत में ले लिया। शेष तीन अन्य युवक फरार होने में सफल रहे। हिरासत में लिए गए युवक ने अपनी पहचान रंजन कुमार दत्त के रूप में बताई। उसने मीडिया से बातचीत में धन की मांग करने के आरोप से इनकार किया। उसके अनुसार, प्रतिष्ठान में केवल विवाद हुआ था और उसे झूठे आरोप में फंसाया जा रहा है। उसने यह भी दावा किया कि वह वाहन के किराये से संबंधित काम के सिलसिले में प्रतिष्ठान पहुंचा था।

दूसरी ओर राठी ट्रेडर्स की तरफ से बताया गया कि युवकों ने वीर लाचित सेना का नाम लेकर धन और सामान की मांग की थी। इस संबंध में वीर लाचित सेना के मुख्य सचिव ने जोरहाट पुलिस थाने में एफआईआर दायर की है। हिरासत में लिए गये रंजन दत्त चोलाधारा का रहने वाला है। मुख्य सचिव ने इसे संगठन की छवि बदनाम करने की साजिश बताते हुए ऐसे तत्वों से सख्ती से निपटने की अपील की।

मालूम हो कि इन दिनों जोरहाट में व्यापारी उगाही करने वाले ऐसे तत्वों से परेशान है। पहले ही मंदी की मार झेल रहे व्यापारी इनकी नाजायज मांगों से त्रस्त है। दिलचस्प बात यह है कि आज ही जिला आयुक्त ने एक आदेश जारी कर चंदे के इस पैटर्न पर रोक लगाई थी। आदेश से व्यापारियों को भी हिम्मत मिली और राठी ट्रेडर्स में इन्हे टका सा जवाब देते हुए भगा दिया। व्यापारी के इस साहस की जहां सराहना हो रही है, वहीं ऐसे मामलों में पुलिस प्रशासन से उचित निगरानी की आवश्यकता भी जागरूक तबके ने जताई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Satish Rai