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अरुणाचल: पुलिस ने सात महिलाओं को बचाया, दो व्यक्ति गिरफ्तार

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इटानगर, 28 मार्च (हि.स.) अरुणाचल प्रदेश की राजधानी की नाहरलागुन पुलिस ने मानव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बंदरदेवा में एक समन्वित अभियान चलाया, जिसमें सात महिलाओं को बचाया गया और दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस अधीक्षक डॉ. न्येलाम नेगा ने आज बताया कि 27 मार्च को बंदरदेवा पुलिस स्टेशन के पुलिस उपाधीक्षक ऋषि लोंगडो और अन्य पुलिस कर्मियों की टीमों ने दो प्रतिष्ठानों, एन के लॉज और लवली लॉजिंग में अभियान चलाया, जहां कथित तौर पर महिलाओं का यौन शोषण किया जा रहा था।

बचाई गई महिलाएं, जिनमें से अधिकांश असम की थीं, कमजोर पृष्ठभूमि से थीं और उन्हें इस धंधे में फंसाया गया था। जांच में पता चला कि दोनों लॉज कई महीनों से अनैतिक तस्करी के केंद्र के रूप में काम कर रहे थे।

एन के लॉज, जो एक स्थानीय निवासी के स्वामित्व में है और नजरुल इस्लाम को पट्टे पर दिया गया है, के प्रबंधक ने स्वीकार किया कि पिछले आठ महीनों से इसके सभी छह कमरों का इस्तेमाल केवल तस्करी की गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। इसी तरह, नालो उर्फ टागिन बादो के स्वामित्व वाली और फरदौस अहमद को उप-पट्टे पर दी गई लवली लॉजिंग का कथित तौर पर पिछले तीन से चार महीनों से ऐसी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का तरीका असम से महिलाओं को लाकर उन्हें जबरन यौन कार्य में धकेलना था। ग्राहक सीधे लॉज प्रबंधकों को भुगतान करते थे, जो कमाई का अधिकांश हिस्सा अपने पास रख लेते थे और पीड़ितों को केवल 25-50% ही देते थे।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान असम के मोरीगांव जिले के फिरदौस अहमद (35) और धेमाजी जिले की मोइना दास (34) के रूप में हुई है। दोनों पर अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम, 1956 और अन्य लागू कानूनों की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस अधीक्षक डॉ. न्येलम नेगा ने कहा कि यह अभियान कमजोर आबादी को निशाना बनाने वाले तस्करी नेटवर्क को खत्म करने के लिए पुलिस बल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पुलिस ने बताया की आगे की जांच जारी है।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी