आरक्षण विवाद पर अरूणाचल की महिलाओं ने जताया आक्रोश
इटानगर, 22 अप्रैल (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के नामसाई समेत कई जिलों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महिला इकाई ने बुधवार को विपक्षी दल द्वारा महिला आरक्षण विधेयक का विरोध किए जाने के मद्देनजर जन आक्रोश महिला पद यात्रा का आयोजन किया।
संसद में महिला आरक्षण विधेयक की कथित विफलता का आक्रोश आज नामसाई में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया, जहां विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी बड़ी संख्या में महिलाओं ने जन आक्रोश महिला पद यात्रा में भाग लेकर अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन के रूप में वर्णित इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की।
इस रैली में माताओं, बहनों और युवा प्रतिभागियों सहित महिलाओं की भारी संख्या में भागीदारी देखी गई, जिन्होंने एकजुट होकर यह दावा किया कि महिलाओं के अधिकार वैकल्पिक नहीं बल्कि आवश्यक हैं।
प्रतिभागियों ने शासन में महिलाओं के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व और समान अवसरों के महत्व पर प्रकाश डाला।
यात्रा में भाग लेने वाले भाजपा और एनडीए से जुड़े नेताओं ने महिलाओं के साथ एकजुटता व्यक्त की और कांग्रेस तथा उसके गठबंधन सहयोगियों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उनके रुख के कारण महिला आरक्षण विधेयक विफल हुआ।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि देश भर में महिलाओं को प्रतिनिधित्व के उनके उचित अधिकार से वंचित किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे कृत्यों को भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आज महिलाएं सशक्त, जागरूक और लोकतांत्रिक माध्यमों से अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने में सक्षम हैं।
यह रैली महिलाओं में बढ़ती राजनीतिक चेतना को रेखांकित करने का एक मंच भी बनी, जिसमें प्रतिभागियों ने जोर देकर कहा कि उन्हें चुप कराने के प्रयास सफल नहीं होंगे। वक्ताओं ने दोहराया कि महिलाएं अपने अधिकारों की मांग करती रहेंगी और अपनी प्रगति में बाधा डालने वालों को जवाबदेह ठहराएंगी।
'जन आक्रोश महिला पद यात्रा' एकता, सशक्तिकरण और विधायी निकायों में महिलाओं के पर्याप्त प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने के लिए एक नए आह्वान के सशक्त संदेश के साथ समाप्त हुई।
इस बीच, महिला मोर्चा अपर सुबनसिरी और तवांग जिले के दापोरिजो और तवांग में भी एक विशाल जन आक्रोश महिला पदयात्रा का आयोजन किया गया।
इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया, जो एकता, शक्ति और आत्मसम्मान का प्रदर्शन करती हैं।
प्रतिभागियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि महिलाओं का अपमान अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और वे अपने अधिकारों, गरिमा और पहचान की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित रहेंगी।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी

