आईएलपी प्रणाली में डिजिटल निगरानी तंत्र लागू करने की घोषणा
इटानगर, 14 मई (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश सरकार ने गुरुवार को ईनर लाईन परमिट (आईएलपी) प्रणाली में व्यापक बदलाव की घोषणा की, जिसमें आधार-लिंक प्रमाणीकरण, क्यूआर कोड सत्यापन और उल्लंघन के लिए कड़े दंड के साथ एक सख्त डिजिटल निगरानी तंत्र लागू करने का निर्णय लिया गया है।
यह घोषणा आज एक मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया। वर्तमान में चल रही आईएलपी प्रणाली में कई कमियां और भ्रष्टाचार का आरोप लगते हुए बीते बुधवार को एसटी बचाओ आंदोलन समिति द्वारा 36 घंटा राजधानी बंद की शुरुआत के बाद आज सरकार ने यह कदम उठाया है।
सरकारी प्रवक्ता और राज्य के शिक्षा मंत्री पासांग दोरजी सोना ने आज मिडिया को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने राज्य में आईएलपी प्रवर्तन की स्थिति की समीक्षा करने के बाद, बंगाल पूर्वी सीमा विनियम, 1873 के तहत परमिट व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए नए 2026 दिशा-निर्देशों को मंजूरी दी है।
संशोधित प्रणाली के तहत, मौजूदा मैनुअल परमिट प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर दिया जाएगा और फर्जी परमिटों को खत्म करने के लिए सभी चेक गेटों पर क्यूआर कोड सत्यापन के साथ पूरी तरह से डिजिटल ई-आईएलपी प्लेटफॉर्म द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा।
नए ढांचे में आधार-आधारित प्रमाणीकरण, अनिवार्य पुलिस सत्यापन और कार्य-संबंधी आईएलपी के लिए सख्त प्रायोजक जवाबदेही भी शामिल होगी ताकि सीमावर्ती राज्य में प्रवेश करने वाले आगंतुकों की पूरी तरह से पहचान सुनिश्चित की जा सके।
सरकार ने कड़े प्रवर्तन अभियान के तहत कहा है कि परमिट की वैधता अवधि समाप्त होने के बाद भी रुके रहने वालों सहित उल्लंघनकर्ताओं को जुर्माने और अरुणाचल प्रदेश में दो साल तक प्रवेश पर प्रतिबंध सहित कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा।
कार्यान्वयन को और सख्त बनाने के लिए जिला स्तरीय कार्य बल गठित किए जाएंगे, जबकि एसपी और एसडीपीओ प्रवेश द्वारों, बाजारों, कार्यस्थलों और अन्य संवेदनशील मार्गों पर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए औचक निरीक्षण करेंगे।
सोना ने कहा, “सरकार आईएलपी के मुद्दे से अवगत है और इसे लेकर समान रूप से चिंतित है। इसीलिए मंत्रिमंडल ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।” हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यान्वयन में समय लगेगा।
उन्होंने कहा, “हम किसी भी कंपनी को बुलाकर उनसे रातोंरात यह काम करने के लिए नहीं कह सकते। हम एक स्थायी समाधान चाहते हैं जो फर्जी आईएलपी को हतोत्साहित करे। हम इसमें जल्दबाजी नहीं करना चाहते।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी

