अपहरण का प्रयास करने के आरोप में चार गिरफ्तार
इटानगर, 27 अप्रैल (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश की राजधानी इटानगर पुलिस ने
आज एक स्वयंभू नशा-विरोधी समूह के सदस्य समेत चार लोगों को आईजी पार्क के पास एक
वकील को नशीले पदार्थ आपूर्तिकर्ता समझकर उसके साथ मारपीट करने और अपहरण का प्रयास
करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार,
26 अप्रैल की शाम को हुई एक
घटना के संबंध में रविवार को लगभग 12.15 बजे इटानगर
पुलिस स्टेशन को एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई।
शिकायतकर्ता, जो एक वकील हैं, ने बताया कि वे
अपनी नियमित शाम की दौड़ के लिए आईजी पार्क गए थे। अपनी दौड़ पूरी करने के बाद, कथित तौर पर कुछ लोगों के एक समूह ने उनसे संपर्क किया और दावा किया कि वे
उन्हें ढूंढ रहे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि समूह ने उन्हें गलत तरीके से रोका, उनके साथ शारीरिक रूप से मारपीट की और उन्हें हाथों, पैरों और गर्दन से पकड़कर जबरन वहां से ले जाने का प्रयास किया।
पुलिस ने बताया, “पीड़ित ने किसी तरह विरोध किया, खुद को छुड़ाया और भागकर पार्क के अंदर सुरक्षित स्थान पर पहुंच गया, जिसके बाद उसने पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।”
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपित कथित तौर पर आईजी पार्क गए थे, ताकि वे अपनी निजी जांच के दौरान जुटाई गई जानकारी के आधार पर एक
संदिग्ध ड्रग सप्लायर की तलाश कर सकें। बताया जाता है कि वकील को गलती से संदिग्ध
समझ लिया गया था।
आगे की जांच में पता चला कि घटना से पहले, आरोपितों ने कथित
तौर पर विभिन्न स्थानों से संदिग्ध ड्रग उपयोगकर्ताओं को उठाया, उनके साथ मारपीट की और उनसे पूछताछ की, वीडियो रिकॉर्ड
किए और उन्हें कथित सप्लायरों के नाम बताने के लिए मजबूर किया। पुलिस ने कहा कि ये कृत्य किसी अधिकृत अभियान का हिस्सा नहीं थे।
अधिकारियों ने कहा, किसी भी निजी व्यक्ति या समूह को अवैध गतिविधियों में
संलिप्तता के संदेह पर किसी भी व्यक्ति को हिरासत में लेने, मारपीट करने, पूछताछ करने या वीडियो बनाने की अनुमति नहीं है।
इस समूह का नेतृत्व कथित तौर पर एंटी-ड्रग्स स्क्वाड के महासचिव हिबू रिका और
उनके साथियों द्वारा किया जा रहा था।
इटानगर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एक
मामला दर्ज की गई है और चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने बताया कि आगे की जांच जारी है।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी

