डिजिटल विज्ञापन नीति को सख्ती से लागू करने का आह्वान
इटानगर, 14 मई (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया एसोसिएशन के सदस्यों ने राज्य सरकार के विभागों से अरुणाचल प्रदेश प्रिंट और डिजिटल विज्ञापन नीति, 2025 में निर्धारित नियमों और दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने का आह्वान किया है।
अरुणाचल प्रेस क्लब में आज एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष जेटी तागाम ने कहा कि कई वर्षों के संघर्ष के बाद, कैबिनेट की मंजूरी के बाद 6 नवंबर, 2025 को इस नीति को अरुणाचल प्रदेश प्रिंट और डिजिटल विज्ञापन नीति, 2025 के रूप में एक एकीकृत प्रारूप में अधिसूचित किया गया था। हालांकि, नीति की प्रारंभिक अधिसूचना के छह साल बाद भी, जमीनी स्तर पर इसका कार्यान्वयन अपर्याप्त बना हुआ है।
नीति के वर्तमान कार्यान्वयन परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने दावा किया कि अब तक केवल लगभग 5% कार्यान्वयन हुआ है और उन्होंने यह भी बताया कि सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय (आईपीआर) वर्तमान में एकमात्र ऐसा विभाग है जो पांच सूचीबद्ध डिजिटल मीडिया संस्थानों को समय-समय पर सरकारी विज्ञापन जारी करके नीति का अनुपालन कर रहा है। कोई भी अन्य सरकारी विभाग इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के विज्ञापनों को सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय के माध्यम से नहीं भेज रहा है, जबकि मीडिया संस्थानों को सरकारी विज्ञापन जारी करने के लिए नामित नोडल एजेंसी यही निदेशालय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार अनुरोध के बावजूद, कई विभाग स्वतंत्र रूप से विज्ञापनों का प्रबंधन कर रहे हैं और मनमाने ढंग से मीडिया संस्थानों का चयन कर रहे हैं।
तागाम ने बताया कि सरकारी विज्ञापन निधि का एक बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय टेलीविजन चैनलों और प्रकाशनों को दिया जा रहा है, जबकि स्थानीय सूचीबद्ध डिजिटल मीडिया संस्थानों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्रियों और नौकरशाहों से संबंध रखने वाले मीडिया संस्थानों को विज्ञापन और प्रचार कार्य अनुचित रूप से मिल रहे हैं, जिससे बनाई गई नीति का अस्तित्व और भावना कमजोर हो रही है। उन्होंने ऐसी प्रथाओं को अनैतिक और भविष्य के लिए एक गलत मिसाल बताया।
तागाम ने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि विज्ञापन के लिए स्वीकृत धनराशि का दुरुपयोग या हेराफेरी उन संगठनों को कर दी गई है जिनका किसी भी विज्ञापन या मीडिया संगठन से कोई संबंध नहीं है, इसलिए उन्होंने राज्य सरकार से उन संगठनों की पुनः जांच करने की अपील की।
एसोसिएशन ने नीति का उचित कार्यान्वयन अरुणाचल प्रदेश में मिडिया उद्योग के विकास और स्थिरता को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करने की आशा कि करते हुए कहा कि एईडीएमए ने नीति के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने में एक निगरानी संस्था के रूप में कार्य करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी

