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पासीघाट हिंसाः पांच नाबालिग समेत 26 लोग गिरफ्तार

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इटानगर, 26 अक्टूबर (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी सियांग जिले की पुलिस ने बीते 23 अक्टूबर को पासीघाट में हुए बंद के दौरान भड़की हिंसा के सिलसिले में 26 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में पांच नाबालिग भी शामिल हैं। यह बंद प्रस्तावित 'सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट' के विरोध में बुलाया गया था।

पूर्वी सियांग के पुलिस अधीक्षक पंकज लांबा ने आज एक आधिकारिक बयान में बताया कि आठ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि छह अन्य लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

गिरफ्तार किए गए लोगों में बांध-विरोधी कार्यकर्ता एबो मिली और युवा नेता ओतुल जेरांग शामिल हैं। ये दोनों सियांग नदी पर प्रस्तावित बड़ी जलविद्युत परियोजना के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों में सबसे आगे रहे हैं।

पुलिस ने बताया कि ये आठ मामले 'भारतीय न्याय संहिता' की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं। इनमें दंगा करने, गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने, आपराधिक साजिश रचने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़ी धाराएं शामिल हैं। एक मामले में 'सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाव अधिनियम' भी लगाया गया है।

पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए चार लोगों की पहचान सादिन मोदी, कालेम परमे, मिलो पर्टिन और कांगकिलिंग मेगु के रूप में की है।

यह गिरफ्तारियां तब हुई हैं, जब बांध-विरोधी संगठनों ने सियांग, अपर सियांग और पूर्वी सियांग जिलों के कुछ हिस्सों में 12 घंटे का बंद बुलाया था। इस बंद के जरिए उन्होंने पहले हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं को रिहा करने की मांग की थी।

अपर सियांग जिले के गेकू के पास 'डाइट डाइमे' में सुरक्षाकर्मियों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े जाने की खबरों के बाद तनाव और बढ़ गया।

पुलिस ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि इस घटना के बाद चार महिलाओं को गेकू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था, लेकिन मेडिकल जांच के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।

इसके बाद पासीघाट में हिंसा भड़क गई, जहां एनएचपीसी के एक कार्यालय में आग लगा दी गई, एक पुलिस थाने पर हमला किया गया और कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष कालिंग मोयोंग और पासीघाट पश्चिम के विधायक निनोंग एरिंग के आवासों के साथ-साथ 'आदि बाने केबांग' के कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई।

खबरों के अनुसार, इस हंगामे के दौरान कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हो गए। हिंसा के बाद मिली और जेरांग ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और तोड़फोड़ की निंदा की। उन्होंने कहा कि शुरुआत में बंद शांतिपूर्ण था।

पुलिस ने बताया कि सभी मामलों की जांच चल रही है। साथ ही, पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और बिना पुष्टि के सूचनाओं को न फैलाने की अपील की।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी