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मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल के लिए सहयोग का आह्वान

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इटानगर, 03 अक्टूबर (हि.स.)। मणिपूरी सोशल एक्टिविस्ट बेमलेई मैबम, जो 16 सितंबर से पूर्वोत्तर राज्यों में लोगों तक पहुंचने के लिए दौरा कर रही हैं। अपने दौरे की कड़ी में मैबम ने मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और आरूणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू से दखल देने का अनुरोध किया है।

शनिवार को अरुणाचल प्रेस क्लब में मीडिया से बात करते हुए, उन्होंने मणिपुर के मौजूदा हालात और लंबे समय से चल रही जातीय हिंसा और महिलाओं व बच्चों पर हो रहे अत्याचारों का ज़िक्र करते हुए कहा कि स्थिति बहुत खराब है।

रिजिजू, खांडू और राज्य के नागरिक समाज से इस संकट में दखल देने की अपील करते हुए, उन्होंने उनसे संघर्ष से प्रभावित बेगुनाह मैतेई लोगों की जान बचाने में मदद करने का आग्रह किया।

आंखों में आंसू लिए, उन्होंने दावा किया कि मैतेई समुदाय के लगभग 60,000 लोग अभी राहत शिविरों में रह रहे हैं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और साफ-सफाई की खराब सुविधाओं जैसी कई मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि समुदाय के कम से कम 48 लोग अभी भी लापता हैं और डर के कारण उनके रिश्तेदार उन्हें खोजने के लिए राहत शिविरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मार-काट और महिलाओं पर अत्याचर, बलात्कार जैसे घटना आम हो गई हैं।

मैबम ने कहा, पड़ोसी पूर्वोत्तर राज्यों के दखल के बिना, मणिपुर के लोग जीवित नहीं रह पाएंगे। उन्होंने राज्य में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व बहाल करने के लिए सामूहिक प्रयासों की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

उन्होंने कहा कि 03 मई, 2023 को शुरू हुई जातीय हिंसा ने राज्य के सामाजिक ताने-बाने को बुरी तरह से बिगाड़ दिया है और कई इलाकों को ऐसी जगह में बदल दिया है जिसे उन्होंने युद्ध का मैदान बताया।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी