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असम के मुख्यमंत्री ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को उनकी जयंती पर दी श्रद्धांजलि

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असम के मुख्यमंत्री ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को उनकी जयंती पर दी श्रद्धांजलि


गुवाहाटी, 15 अक्टूबर (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने गुरुवार को पूर्व राष्ट्रपति और प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अब्दुल कलाम को ‘जनता का राष्ट्रपति’ बताते हुए कहा कि उनका प्रेरणादायी जीवन और आदर्श आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट साझा कर ‘मिसाइल मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से प्रसिद्ध डॉ. कलाम के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन अनुकरणीय था और उन्होंने हमेशा ज्ञान तथा राष्ट्रवाद को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

डॉ. सरमा ने अपनी पोस्ट में लिखा, “जनता के राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को उनकी जयंती पर याद कर रहा हूं। रामेश्वरम से लेकर राष्ट्रपति भवन तक, उन्होंने एक ऐसा जीवन जिया जो सबके लिए प्रेरणा है। उन्होंने ज्ञान और राष्ट्रवाद को हमेशा सबसे ऊपर रखा।”

मुख्यमंत्री ने भारत की वैज्ञानिक प्रगति और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में डॉ. कलाम की भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम की उपलब्धियों ने देश के भविष्य को सुरक्षित बनाने और उसकी रक्षा क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

असम में डॉ. कलाम के दौरों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों, विशेषकर विद्यार्थियों के साथ उनकी बातचीत बेहद ज्ञानवर्धक होती थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि डॉ. कलाम के विचार, आदर्श और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।

उल्लेखनीय है कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर, 1935 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था। विज्ञान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के कारण उन्हें ‘मिसाइल मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से जाना जाता है। वह वर्ष 2002 से 2007 तक भारत के 11वें राष्ट्रपति रहे। विज्ञान, शिक्षा और जनसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए देशभर में उनका सम्मान किया जाता है। 27 जुलाई, 2015 को उनका निधन हो गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय