असम में सभी 31,486 मतदान केंद्रों पर ‘वोट रक्षक’ तैनात करेगी कांग्रेस, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग
गुवाहाटी, 24 अक्टूबर (हि.स.)। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने राज्य के सभी 31,486 मतदान केंद्रों और 669 नगरपालिका वार्डों में ‘वोट रक्षक’ नियुक्त करने की घोषणा की है। इनका उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना, योग्य मतदाताओं के नाम हटाए जाने की शिकायतों पर नजर रखना तथा फर्जी और अनधिकृत नामों को शामिल होने से रोकना है। कांग्रेस ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर भारत निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी की।
शनिवार को गुवाहाटी स्थित राजीव भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पूर्व विधायक सत्यब्रत कलिता, एपीसीसी के महासचिव (प्रशासन) बिपुल गोगोई तथा मीडिया एवं संचार विभाग के अध्यक्ष बेदब्रत बोरा उपस्थित थे।
सत्यब्रत कलिता ने पांच फरवरी को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने के महज आठ महीने के भीतर विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) कराए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग के प्रति जनता के विश्वास में कमी और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के कारण आयोग को दोबारा पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी है।
उन्होंने असम के विद्यार्थियों और युवाओं से अपील की कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सभी पात्र नागरिक फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराएं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की सुविधा के लिए ऑनलाइन व्यवस्था के साथ ऑफलाइन पंजीकरण प्रक्रिया को भी प्रभावी बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कलिता ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया को अंचल अधिकारियों से हटाकर जिला आयुक्त कार्यालय तक सीमित कर दिए जाने से आम नागरिकों और गांव के प्रधानों को परेशानी हो रही है। उन्होंने निर्वाचन आयोग के जागरूकता अभियान की भी आलोचना करते हुए कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम 10 होर्डिंग लगाने की मांग के बावजूद आयोग ने बजट की कमी का हवाला देते हुए मुख्य रूप से संवाददाता सम्मेलनों और सामाजिक माध्यमों के जरिए प्रचार करने का विकल्प चुना।
मतदाता सूची में कथित त्रुटियों पर आपत्ति दर्ज कराने से संबंधित नियमों पर सवाल उठाते हुए कलिता ने कहा कि एक व्यक्ति द्वारा अधिकतम 10 लोगों के नामों के संबंध में ही शिकायत दर्ज कराने की सीमा व्यावहारिक समस्याएं पैदा कर सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि त्रुटिपूर्ण मतदाता सूची के आधार पर कराया गया चुनाव लोकतांत्रिक वैधता पर सवाल खड़े करता है। कलिता ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा से इस्तीफा देने और संशोधित मतदाता सूची के आधार पर नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की।
इस दौरान उन्होंने गायक जुबीन गर्ग की मौत की जांच को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। दो आरोपितों को हाल में जमानत मिलने का उल्लेख करते हुए उन्होंने विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच पर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्यमंत्री के उस कथित विधानसभा बयान का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि हत्या एक व्यक्ति ने की और चार अन्य ने उसकी सहायता की। कलिता ने मुख्यमंत्री से आरोपितों और उनके कथित सहयोगियों के नाम सार्वजनिक करने की मांग की।
वहीं, बिपुल गोगोई ने कहा कि कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर देशव्यापी ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान तेज करेगी। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान को असम के सभी 35 जिलों और 301 विकासखंडों में भी संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने अभियान की निगरानी के लिए असम में सात वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं, जबकि एपीसीसी अध्यक्ष गौरव गोगोई ने 102 पर्यवेक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी है। ये पर्यवेक्षक जिला और विकासखंड मुख्यालयों का दौरा कर संवाददाता सम्मेलन करेंगे तथा जमीनी स्तर पर लोगों को अभियान से जोड़ेंगे।
गोगोई ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार आगामी वर्षों में विभिन्न राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग का राजनीतिक इस्तेमाल करना चाहती है। उन्होंने आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता बनाए रखने पर जोर देते हुए पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन का उदाहरण दिया।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर नियुक्त ‘वोट रक्षक’ बूथ अध्यक्षों, मंडल अध्यक्षों और प्रखंड अध्यक्षों के साथ समन्वय स्थापित कर काम करेंगे। उनकी जिम्मेदारी पात्र मतदाताओं का पंजीकरण सुनिश्चित करना, वास्तविक मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जाने के मामलों की जांच करना तथा संदिग्ध और फर्जी प्रविष्टियों पर नजर रखना होगा।
संवाददाता सम्मेलन के अंत में बेदब्रत बोरा ने कहा कि ‘वोट रक्षक’ नियुक्त करने का उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखना और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

