सरकार और वन विभाग पर एपीसीसी ने लगाया लापरवाही का आरोप
इटानगर, 04 फरवरी (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने अरुणाचल प्रदेश के दिबांग घाटी स्थित मयुडिया में बाघ के हमले में हेड कांस्टेबल चिकसेंग मानपांग की दुखद मृत्यु के लिए राज्य सरकार और वन्यजीव विभाग पर कथित लापरवाही का आरोप लगाया है।
एक बयान में एपीसीसी अध्यक्ष बोसिराम सिरम ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और आरोप लगाया कि मयुडिया-अनीनी सड़क पर एक महीने से अधिक समय से बाघों की आवाजाही की रिपोर्ट मिलने के बावजूद अधिकारियों ने निवारक उपाय करने में विफल रहे। उन्होंने दावा किया कि इस घटना ने वन्यजीव-संवेदनशील क्षेत्र में यात्रियों और निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रशासनिक विफलता को उजागर किया है।
एपीसीसी ने मयुडिया क्षेत्र में पर्यटकों और अधिकारियों की सुरक्षा के लिए सरकार की तैयारियों पर भी सवाल उठाया और कहा कि वहां उचित निगरानी, गश्त और चेतावनी प्रणाली मौजूद नहीं है। पार्टी ने संवेदनशील क्षेत्रों पर तत्काल प्रतिबंध लगाने, संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, स्थायी वन्यजीव निगरानी टीमों की तैनाती और राज्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष पर एक श्वेत पत्र प्रकाशित करने की मांग की है।
कांग्रेस ने सरकार से मृतक पुलिसकर्मियों के परिवार के किसी पात्र सदस्य को पर्याप्त अनुग्रह राशि और सरकारी नौकरी प्रदान करने का भी आग्रह किया।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी

