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अमृत वृक्ष आंदोलन के तहत असम में 10 से 14 अगस्त तक लगाए जाएंगे एक करोड़ पौधे

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अमृत वृक्ष आंदोलन के तहत असम में 10 से 14 अगस्त तक लगाए जाएंगे एक करोड़ पौधे


गुवाहाटी, 07 जुलाई (हि.स.)। असम सरकार ने राज्यभर में 10 से 14 अगस्त तक अमृत वृक्ष आंदोलन के तहत एक करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री जयंत मल्लबरुवा ने 77वें वन महोत्सव के अवसर पर पोबितरा अभयारण्य में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान इसकी घोषणा की। असम प्रदेश भाजपा प्रवक्ता मिता नाथ बोरा ने कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम और मिशन लाइफ के विजन से प्रेरित है तथा मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में इसे जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।

अभियान में कक्षा 9 से लेकर कॉलेज, इंजीनियरिंग और मेडिकल संस्थानों के लगभग 10 लाख विद्यार्थी भाग लेंगे। प्रत्येक विद्यार्थी 10 पौधे लगाएगा, जिससे एक करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा होगा। पौधों के संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए जियो-टैगिंग आधारित निगरानी की व्यवस्था की गई है। सफलतापूर्वक पौधों का संरक्षण करने वाले विद्यार्थियों को 'वृक्ष बंधु' के रूप में सम्मानित किया जाएगा। प्रत्येक विद्यार्थी को विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत जॉब कार्ड धारकों का सहयोग भी मिलेगा।

राज्य सरकार के अनुसार, अमृत वृक्ष आंदोलन पिछले वर्षों में असम के सबसे सफल जनभागीदारी अभियानों में शामिल रहा है। डिजिटल पंजीकरण, जियो-टैगिंग और वैज्ञानिक निगरानी के माध्यम से पौधों के जीवित रहने की दर बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इस अभियान में विद्यार्थी, युवा, स्वयं सहायता समूह, पंचायत संस्थाएं, सरकारी विभाग और आम नागरिक मिलकर हरित असम के निर्माण में योगदान देंगे।

सरकार ने बताया कि वृक्षारोपण अभियान के साथ-साथ फलबाड़ी पहल के तहत एक करोड़ देशी फलदार पौधों का वितरण, जन्मदिन सेउज शपथ योजना के माध्यम से जन्मदिन पर पौधे लगाने को बढ़ावा, चर-चापोरी क्षेत्रों का हरित विकास तथा जैव विविधता संरक्षण जैसे कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मंत्री जयंत मल्ला बरुवा ने आज कामरूप (मेट्रो) जिले के सोनापुर के टोपातली में डिमोरिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पहले जन्मदिन सेउज शपथ उद्यान का उद्घाटन किया। सरकार का कहना है कि यह अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति जनसंकल्प का प्रतीक बनेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश