बाढ़ को लेकर राजनीति करने के आरोप में अखिल गोगोई पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने साधा निशाना
गुवाहाटी, 24 जुलाई (हि.स.)। असम में बाढ़ की स्थिति को लेकर निर्दलीय विधायक अखिल गोगोई पर सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष के नेताओं ने भी राजनीति करने का आरोप लगाया है।
प्वाइंट आफ आर्डर के तहत आज बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष वाजेद अली चौधरी और कांग्रेस विधायक नुरुल हुदा ने बीते गुरुवार को असम विधानसभा में हुई घटना को पूर्व नियोजित बताते हुए कहा कि अखिल गोगोई बाढ़ जैसे गंभीर मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं। वाजेद अली चौधरी
ने कहा कि सदन से बाहर निकलकर अखिल गोगोई ने कांग्रेस पर दोषारोपण किया, जिसको सोशल मीडिया पर गलत तरीके से प्रसारित किया गया।
वहीं संसदीय मंत्री पीयूष हजारिका ने भी अखिल के व्यवहार को असंसदीय करार करते हुए इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष रंजीत दास से कार्रवाई की बात कही।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन के बाहर और सोशल मीडिया पर की जा रही टिप्पणी को लेकर सदन में चर्चा करने का कोई अर्थ नहीं है। उन्होंने कहा कि अखिल ने बीते कल सदन में दो मिनट बोलने की मुझसे अनुमति मांगी थी, मैंने समय दिया भी था, बावजूद अखिल ने टेबुल पर चढ़कर हंगामा किया। उन्होंने कहा कि असम के संसदीय इतिहास में आज तक इस तरह की घटना कभी देखने को नहीं मिलती है। अध्यक्ष ने कहा कि सही अर्थों में गुरुवार के हंगामे की वीडियो फुटेज जारी कर राज्य की जनता को असली हकीकत बताना चाहिए। हालांकि उन्होंने वीडियो फुटेज जारी करने को लेकर कोई आश्वासन नहीं दिया।
इस बीच सत्ता पक्ष के एक विधायक ने अखिल गोगोई के विरूद्ध विशेषाधिकार हनन के तहत कार्रवाई की अध्यक्ष से मांग की। लेकिन अध्यक्ष ने कार्रवाई से इंकार किया।
विधायकों ने शुक्रवार को असम विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने पहुंचने के दौरान सदन के बाहर भी पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिल गोगोई के आचरण को लेकर अपनी नाराजगी जताई।
कांग्रेस विधायक जयप्रकाश दास ने कहा कि अखिल गोगोई को विधानसभा आने के बजाय अपने विधानसभा क्षेत्र शिवसागर में बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच रहना चाहिए था। उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय में राजनीति करने के बजाय लोगों की सेवा करना अधिक जरूरी है।
कांग्रेस विधायक जाकिर हुसैन सिकदार ने भी अखिल गोगोई की आलोचना करते हुए कहा कि यदि वह (सिकदार) शिवसागर के विधायक होते तो इस समय विधानसभा नहीं आते। उन्होंने कहा कि यह राजनीति करने या लोगों को भ्रमित करने का समय नहीं है, बल्कि बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करने का समय है।
असम में बाढ़ को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने अखिल गोगोई पर आपदा को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

