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विकास कार्यों की समीक्षा करने गोलाघाट पहुंचीं अजंता नेओग, लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

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विकास कार्यों की समीक्षा करने गोलाघाट पहुंचीं अजंता नेओग, लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश


गोलाघाट (असम), 25 जून (हि.स.)। महिला एवं बाल विकास तथा पर्यटन मंत्री अजंता नेओग ने गुरुवार को गोलाघाट जिले में विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जनकल्याणकारी योजनाओं के कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से गोलाघाट मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य तथा दोयांग नदी से प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ एवं कटाव रोकने के उपायों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा।

जिला आयुक्त कार्यालय में आयोजित जिला विकास समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने मेडिकल कॉलेज से संबंधित शेष कार्यों, विशेषकर जल निकासी व्यवस्था के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास और जनहित से जुड़े कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाया जाना चाहिए, लेकिन गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

पिछले वर्ष गोलाघाट और सरूपथार विधानसभा क्षेत्रों के कई इलाकों में दोयांग नदी के कारण हुए नुकसान का उल्लेख करते हुए नेओग ने जल संसाधन विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों में बाढ़ और कटाव रोधी योजनाएं तैयार कर शीघ्र लागू करने का निर्देश दिया। साथ ही जिले में चोरी की घटनाओं और नशीले पदार्थों के बढ़ते प्रचलन पर चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस को सख्त कार्रवाई करने को कहा। आबकारी विभाग को अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में सिंचाई, लोक निर्माण (सड़क एवं भवन), वन तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभागों के कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस अवसर पर सरूपथार के विधायक बिश्वजीत फूकन, जिला आयुक्त पुवाली गोहाईं, जिला विकास आयुक्त गुरनेल सिंह तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इससे पूर्व मंत्री ने मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता योजना के तहत पूर्व पदुमोनी विकास खंड की 89 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की वित्तीय सहायता राशि के चेक वितरित किए। लाभार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है।

उन्होंने कहा कि आर्थिक स्वतंत्रता ही महिला सशक्तिकरण की वास्तविक नींव है। आय अर्जित करने की क्षमता महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से मजबूत बनाती है, बल्कि परिवार और समाज में सम्मानजनक स्थान तथा आत्मविश्वास भी प्रदान करती है। मंत्री ने महिलाओं से सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाकर उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

उल्लेखनीय है कि योजना के प्रथम और द्वितीय चरण में अधिकांश लाभार्थियों को सहायता मिल चुकी थी, जबकि विभिन्न कारणों से वंचित रह गईं 89 महिलाओं को गुरुवार को यह वित्तीय सहायता प्रदान की गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश