एआईयूडीएफ ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, यूसीसी वापस लेने और बेदखली से पहले पुनर्वास की मांग
गुवाहाटी, 08 जुलाई (हि.स.)। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा को ज्ञापन सौंपकर समान नागरिक संहिता (यूसीसी), बेदखली अभियान, कथित अवैध घुसपैठियों के पुशबैक तथा राज्य की कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी मांगें रखीं।
एआईयूडीएफ के प्रवक्ता रफीकुल इस्लाम ने मीडिया से बातचीत में आज कहा कि पार्टी अवैध घुसपैठियों के विरुद्ध कार्रवाई का समर्थन करती है, लेकिन किसी भी पुशबैक अभियान से पहले संबंधित व्यक्ति की पहचान का पूरी तरह सत्यापन किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई वास्तविक भारतीय नागरिकों को भी असम से बांग्लादेश की ओर धकेला जा रहा है। साथ ही, उन्होंने भारत और बांग्लादेश की सरकारों के बीच समन्वय स्थापित करने की भी मांग की।
यूसीसी के संबंध में एआईयूडीएफ ने इसे वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यह वास्तविक समान नागरिक संहिता नहीं है, बल्कि एक विशेष व्यक्तिगत कानून को लागू करने का प्रयास है।
बेदखली अभियान पर पार्टी ने कहा कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना किसी भी प्रकार की बेदखली नहीं की जानी चाहिए। एआईयूडीएफ ने सरकार से पहले पुनर्वास और उसके बाद ही बेदखली की कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

