सियांग बांध के विरोध में आदि समुदाय ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
इटानगर, 25 मार्च (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश सियांग घाटी के आदि समुदाय के प्रतिनिधियों ने बुधवार को अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) केटी परनाइक से मुलाकात की और प्रस्तावित सियांग ऊपरी बहुउद्देशीय परियोजना और पीएफआर के विरोध में एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान आदि समुदाय के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने परियोजना के खिलाफ अपना दृढ़ और सर्वसम्मत रुख व्यक्त किया, सियांग बांध नहीं के नारे को दोहराया और इस मुद्दे पर आगे की चर्चा समाप्त करने की मांग की।
सियांग गॉर्ज के 19 गांवों द्वारा समर्थित एक जन-प्रस्तुति (चरण-1) औपचारिक रूप से राज्यपाल को सौंपी गई। इस दस्तावेज में ग्राम स्तर पर अपनाए गए प्रस्तावों का उल्लेख है, जिसमें प्रस्तावित परियोजना के पैतृक भूमि, पर्यावरण और स्वदेशी आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंताएं व्यक्त की गई हैं।
समुदाय के प्रतिनिधियों ने बताया कि उनकी बात अब राज्य के सभी प्रमुख संवैधानिक अधिकारियों के समक्ष आधिकारिक रूप से रख दी गई है, जिनमें मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, उप मुख्यमंत्री, अपर सियांग (यिंगकिओंग) और सियांग (बोलेंग) के उपायुक्त और संबंधित पुलिस अधीक्षक शामिल हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक माध्यम से जनता की सामूहिक आवाज दर्ज कराई गई है। हमारी एक ही मांग है: ऊपरी सियांग बहुउद्देशीय परियोजना को अस्वीकार करना।
ज्ञापन प्रस्तुत करने के साथ ही, आदि समुदाय ने इसे अपनी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के पहले चरण की पूर्णता बताया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सरकार स्वदेशी लोगों की इच्छा का सम्मान करेगी और पैतृक भूमि और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से संबंधित चिंताओं को ध्यान में रखते हुए परियोजना पर पुनर्विचार करेगी।
ज्ञात हो कि ऊपरी सियांग बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर ग्रामीण स्तर पर कुछ संगठन जहां विरोध कर रहे हैं, वहीं एक धड़ा इस परियोजना के समर्थन में प्रारंभिक व्यवहार्यता रिपोर्ट (पीएफआर) का समर्थन करते है। इसी कड़ी में आज सियांग जिले के रीगा गांव के पंचायती राज सदस्यों और गांव के कुछ परिवारों ने प्रस्तावित सियांग ऊपरी बहुउद्देशीय परियोजना (एसयूएमपी) के लिए पीएफआर अध्ययन और संबंधित गतिविधियों को गांव के अधिकार क्षेत्र में करने के लिए अरुणाचल प्रदेश सरकार और एनएचपीसी को औपचारिक रूप से अपनी सहमति दे दी है।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी

