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शिक्षा व्यवस्था में बदलाव पर अभाविप की बैठक

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शिक्षा व्यवस्था में बदलाव पर अभाविप की बैठक


- शैक्षणिक एवं परीक्षा व्यवस्था में आवश्यक बदलाव पर गुवाहाटी में अभाविप की गोलमेज बैठक में असम के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, रजिस्ट्रार, कॉलेज प्राचार्य, प्रोफेसर एवं शोधार्थी हुए शामिल

गुवाहाटी, 08 सितंबर (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के पहल पर असम तथा पूर्वोत्तर भारत की शैक्षणिक एवं परीक्षा व्यवस्था में आवश्यक बदलाव को लेकर सोमवार, 7 सितंबर को गुवाहाटी स्थित नेड्फी हाउस में गोलमेज बैठक आयोजित की गई। बैठक में असम के कई विश्वविद्यालयों के कुलपति, रजिस्ट्रार, महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्रोफेसर, शोधार्थी और छात्र नेताओं ने भाग लिया।

मंगलवार को अभाविप द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बैठक में असम पशु चिकित्सा एवं मत्स्य विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. निरंजन कलिता, उत्तर लखीमपुर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मुकुल चंद्र बोरा, वीरांगना सती साधिनी राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. जे. चिंगैया, बंगाईगांव विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. तरणी डेका तथा शिवसागर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. प्रफुल्ल कलिता सहित कई शिक्षाविद उपस्थित रहे।

दो सत्रों में आयोजित बैठक के पहले सत्र में शिक्षा व्यवस्था में बदलाव और दूसरे सत्र में परीक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधारों पर चर्चा की गई। शिक्षाविदों ने पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ व्यावहारिक एवं व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

बैठक में उच्च शिक्षा क्षेत्र में बढ़ती ड्रॉपआउट समस्या, शिक्षण संस्थानों में तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा शुरू करने में आने वाली वित्तीय कठिनाइयों तथा कंप्यूटर शिक्षकों की कमी जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। दूसरे सत्र में असम सहित देश की परीक्षा व्यवस्था में प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं की समस्या के समाधान पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक के बादअभाविप असम प्रदेश के राज्य सचिव मानस प्रतिम कलिता ने कहा कि गोलमेज बैठक में असम एवं पूर्वोत्तर की शैक्षणिक और परीक्षा व्यवस्था तथा उसमें समयानुकूल आवश्यक बदलावों पर सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि बैठक में शामिल शिक्षाविदों ने शिक्षा एवं परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।

कलिता ने कहा किअभाविप इन सुझावों को सरकार और संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखेगी तथा असम की शैक्षणिक व्यवस्था में मौजूद समस्याओं के समाधान की मांग करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश