कुकी ह्यूमन राइट्स काउंसिल के कदम का आपसू ने किया विरोध
इटानगर, 09 सितंबर (हि.स.)। ऑल अरुणाचल प्रदेश स्टूडेंट्स यूनियन (आपसू) ने मणिपुर के कुकी ह्यूमन राइट्स काउंसिल द्वारा अरुणाचल प्रदेश के बोरडुमसा में 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' के मुद्दे पर नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन और यूनाइटेड नेशंस को जानकारी देने के कदम को आपसू ने बेबुनियाद, राजनीतिक मकसद से प्रेरित और अरुणाचल प्रदेश के अंदरूनी मामलों में गैर-ज़रूरी दखल बताया है।
कुकी ह्यूमन राइट्स काउंसिल के कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए आपसू के अध्यक्ष मेजे टाकू ने कहा कि इस संगठन के पास अरुणाचल प्रदेश के मूल निवासियों से जुड़े मुद्दों में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है।
टाकू ने एक बयान में कहा, यह पूरी तरह से अरुणाचल प्रदेश और यहां के मूल निवासियों का मामला है। दूसरे राज्य के लमका, चुराचांदपुर में बैठे किसी सामुदायिक संगठन का इससे कोई लेना-देना नहीं है।
छात्र संगठन ने बोरडुमसा में एसआईआर की सुनवाई पर भी अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में सुधार (रिविजन) भारत के चुनाव आयोग द्वारा की जाने वाली एक कानूनी प्रक्रिया है।
आपसू का कहना है कि एक स्टेक होल्डर (हितधारक) के तौर पर, उन्हें वोटर लिस्ट में गैर-कानूनी और संदिग्ध नामों को शामिल किए जाने पर चिंता जताने का लोकतांत्रिक अधिकार है।
यूनियन ने कहा कि चकमा-हजोंग मुद्दे को सिर्फ़ अल्पसंख्यक अधिकारों के नज़रिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उनका दावा है कि यह मुद्दा मूल समुदायों की पहचान, ज़मीन और संस्कृति के अस्तित्व और सुरक्षा से जुड़ा है।
1960 के दशक में पुराने नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी इलाके में चकमा और हजोंग लोगों के बसने का ज़िक्र करते हुए, अपसू ने दावा किया कि चांगलांग ज़िले के कुछ हिस्सों में मूल समुदायों को आबादी से जुड़ी चिंताओं का सामना करना पड़ रहा है।
एसआईआर प्रक्रिया के दौरान हिंसक रुकावट डालने के आरोपों का जवाब देते हुए, यूनियन ने कहा कि उनका आंदोलन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण था और इसका मकसद मूल निवासियों की चिंताओं को सामने लाना था।
अपसू ने इस मुद्दे में दखल देने के लिए कुकी ह्यूमन राइट्स काउंसिल की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने मणिपुर में जातीय संघर्ष और विस्थापन का ज़िक्र करते हुए संगठन से कहा कि वे अपने राज्य में मानवाधिकारों से जुड़ी चिंताओं को दूर करने पर ध्यान दें।
छात्र संगठन ने ज़ोर देकर कहा कि वे अरुणाचल प्रदेश में गैर-कानूनी बसावट का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि बाहरी संगठनों को राज्य के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात नहीं थोपनी चाहिए।
आपसू ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अरुणाचल प्रदेश सरकार से अपील की कि वे बाहरी दबाव की चालों से प्रभावित न हों और यह सुनिश्चित करें कि एसआईआर की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी हो।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी

