रंगिया में दो दिनों से रेल डिब्बे में बंद 25 भैंस, पशु प्रेमियों में नाराजगी
-स्टेशन पर पशु संरक्षण संगठन के सदस्यों के पहुंचने से पहले भैंसों को हटाया गया
कामरूप (असम), 01 सितंबर (हि.स.)। रंगिया रेलवे जंक्शन से कथित रूप से भैंसों की अवैध ढुलाई का मामला सामने आया है। सिकंदराबाद से नाहरलागुन एक्सप्रेस के जरिए लाई गईं करीब 25 भैंसों को रंगिया रेलवे स्टेशन पर एक डिब्बे में लगभग दो दिनों तक बंद रखे जाने से पशु प्रेमियों में आक्रोश है।
पशु संरक्षण संगठन को इसकी जानकारी मिलने के बाद उसके कार्यकर्ता रंगिया रेलवे स्टेशन पहुंचे। हालांकि, संगठन के पहुंचने से पहले ही तस्करों को इसकी भनक लग गई और उन्होंने कथित तौर पर रात करीब 11 बजे से 1 बजे के बीच महज दो घंटे में भैंसों को रेल डिब्बे से उतारकर ट्रकों में लाद दिया और किसी अज्ञात स्थान पर ले गए।
संगठन ने आरोप लगाया कि पशुओं के परिवहन से संबंधित निर्धारित नियमों का उल्लंघन किया गया। एक डिब्बे में निर्धारित संख्या से अधिक भैंसों को लाने के साथ-साथ आवश्यक पशु चिकित्सा प्रमाणपत्र के नियमों का भी पालन नहीं किया गया।
पशु संरक्षण संगठन का दावा है कि अमानवीय परिस्थितियों में रखे जाने के कारण दो भैंसों की डिब्बे के अंदर ही मौत हो गई। मामले में रेलवे सुरक्षा बल की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। प्लेटफॉर्म संख्या 7 से बड़े ट्रकों में भैंसों को ले जाए जाने के दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मियों द्वारा कथित तौर पर कार्रवाई नहीं किए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं।
पशु संरक्षण संगठनों ने पशुओं के साथ क्रूरता और कथित अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

