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हिंदी पुस्तकों से रूबरू हुए केंद्रीय विद्यालय, कोकराझार के विद्यार्थी

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हिंदी पुस्तकों से रूबरू हुए केंद्रीय विद्यालय, कोकराझार के विद्यार्थी


हिंदी पुस्तकों से रूबरू हुए केंद्रीय विद्यालय, कोकराझार के विद्यार्थी


हिंदी पुस्तकों से रूबरू हुए केंद्रीय विद्यालय, कोकराझार के विद्यार्थी


कोकराझार (असम), 22 सितम्बर (हि.स.)। विद्यार्थियों में हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने तथा उनकी सृजनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), बंगाईगांव के तत्वावधान में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, बंगाईगांव रिफाइनरी द्वारा मंगलवार को केंद्रीय विद्यालय, कोकराझार में हिंदी पुस्तक प्रदर्शनी एवं ‘सृजनात्मक हिन्दी लेखन’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में आयोजित हिंदी पुस्तक प्रदर्शनी विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। प्रदर्शनी में विभिन्न विषयों एवं विधाओं से संबंधित हिंदी पुस्तकों को प्रदर्शित किया गया। विद्यार्थियों ने पुस्तकों को उत्सुकता के साथ देखा तथा हिंदी साहित्य के विविध स्वरूपों और विषय-वस्तु के बारे में जानकारी प्राप्त की। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में पुस्तक पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ हिंदी भाषा के प्रति सहज और सकारात्मक जुड़ाव विकसित करना था।

कार्यशाला के दौरान युवा कवि एवं रंगकर्मी मो. रहमान ने संकाय सदस्य के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने सृजनात्मक लेखन की बारीकियों से विद्यार्थियों को परिचित कराते हुए कविता, कहानी एवं अन्य साहित्यिक विधाओं में प्रभावी अभिव्यक्ति के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाशक्ति, अनुभव और विचारों को शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला संवादात्मक रही और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया।

इस अवसर पर केंद्रीय विद्यालय, कोकराझार की प्राचार्य डॉ. जया पाण्डेय मिश्रा ने नराकास, बंगाईगांव की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में भाषा एवं साहित्य की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में पठन-पाठन की आदत विकसित करने के साथ-साथ उनकी रचनात्मक सोच और अभिव्यक्ति क्षमता को भी सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार के साहित्यिक एवं भाषायी कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आशा व्यक्त की।

नराकास, बंगाईगांव द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम हिंदी के प्रचार-प्रसार को विद्यालयी स्तर तक पहुंचाने तथा नई पीढ़ी को हिन्दी साहित्य एवं सृजनात्मक लेखन से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक पहल रहा। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा