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वित्त वर्ष 2025-26 में पूसीरे प्रमुख उपलब्धियों के साथ 100 प्रतिशत विद्युतीकरण की ओर अग्रसर

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वित्त वर्ष 2025-26 में पूसीरे प्रमुख उपलब्धियों के साथ 100 प्रतिशत विद्युतीकरण की ओर अग्रसर


गुवाहाटी, 28 मार्च (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, जो इस क्षेत्र में मजबूत, ऊर्जा-कुशल और आधुनिक रेल संचालन की दिशा में एक बड़ा कदम है। विद्युतीकरण का यह अभियान भारतीय रेलवे के उस व्यापक विजन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अपने पूरे नेटवर्क में 100% कार्बन उत्सर्जन को कम करना, परिचालन दक्षता में सुधार करना और ट्रेनों के संचालन की क्षमता को बढ़ाना है।

पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने शनिवार काे बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, पूसीरे ने अपने क्षेत्राधिकार में 1342.18 रूट किमी (आरकेएम) और 1828.42 ट्रैक किमी (टीकेएम) का विद्युतीकरण सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसमें असम, पश्चिम बंगाल, बिहार, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश राज्यों के महत्वपूर्ण सेक्शन शामिल हैं। इस व्यापक प्रगति ने पूर्वोत्तर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी को काफी मजबूत किया है, साथ ही इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन ने निर्बाध संचालन के लिए मार्ग भी प्रशस्त किया है।

पूसीरे के सभी मंडलों में काफी प्रगति हुई है। तिनसुकिया सर्वाधिक प्रदर्शन करने वाला मंडल बना, जहां 663.59 आरकेएम और 855.48 टीकेएम विद्युतीकरण हुआ। यह इस वर्ष हुए कुल विद्युतीकरण का लगभग 50 फीसदी है। तिनसुकिया मंडल में जिन मुख्य सेक्शनों का विद्युतीकरण किया गया है, उनमें मरियानी-शिमलगुड़ी, शिमलगुड़ी-डिब्रूगढ़, दुलियाजान-न्यू तिनसुकिया और नॉर्थ लखिमपुर-धमालगांव जैसे अहम रूट शामिल हैं, जो ऊपरी असम क्षेत्र में यात्रियों और माल की आवाजाही, दोनों के लिए काफी ज़रूरी हैं।

रंगिया 348.92 आरकेएम और 535.43 टीकेएम के साथ दूसरा सर्वाधिक प्रगति दर्ज करने वाला मंडल है। इसमें रंगापाड़ा-हारमती और हारमती-नाहरलगुन जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सेक्शन शामिल हैं, जिससे अरुणाचल प्रदेश की ओर कनेक्टिविटी मजबूत हुई है।

लामडिंग मंडल ने 124.70 आरकेएम और 197.38 टीकेएम का विद्युतीकरण किया है। इसमें त्रिपुरा का महत्वपूर्ण अगरतला-सबरूम सेक्शन भी शामिल है, जो पूर्वोत्तर के दक्षिणी हिस्से में कनेक्टिविटी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है।

कटिहार मंडल ने 108.62 आरकेएम और 130.83 टीकेएम के विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल किया, जबकि अलीपुरद्वार मंडल ने 96.36 आरकेएम और 109.30 टीकेएम का योगदान दिया। इन मंडलों ने क्रमशः बिहार और उत्तर बंगाल के महत्वपूर्ण सेक्शनों को कवर किया।

इन सेक्शनों के विद्युतीकरण से जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी, रखरखाव का लागत घटेगा और पर्यावरणीय स्थिरता बढ़ेगी, जिससे ट्रेनों का परिचालन गति तेज़ हो जाएगा। इससे पूरे क्षेत्र में ट्रेन सेवाओं की लाइन क्षमता, समय की पाबंदी और विश्वसनीयता में भी सुधार होगा। इन उपलब्धियों के साथ, पूसीरे ने अब तक कुल मिलाकर लगभग 4170.19 रूट किमी (आरकेएम) और 6690.38 ट्रैक किमी (टीकेएम) का विद्युतीकरण कर लिया है। पूसीरे पूरे जाेन में विद्युतीकरण के कार्यों को और अधिक आगे बढ़ाने को प्रतिबद्ध है, जिससे भारतीय रेलवे के अपने ब्रॉड गेज नेटवर्क के 100% विद्युतीकरण के लक्ष्य को हासिल करने के मिशन में योगदान मिलेगा।------------------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय