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मंत्री पीयूष ने पश्चिम कार्बी आंगलोंग में विकास कार्यों की समीक्षा की, जैतून की खेती की पायलट परियोजना शुरू

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मंत्री पीयूष ने पश्चिम कार्बी आंगलोंग में विकास कार्यों की समीक्षा की, जैतून की खेती की पायलट परियोजना शुरू


कार्बी आंगलोंग (असम), 13 अक्टूबर (हि.स.)। असम के कृषि एवं सिंचाई मंत्री तथा पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले के प्रभारी मंत्री पीयूष हजारिका ने मंगलवार को जिले में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सिंचाई परियोजना का निरीक्षण किया, जैतून की खेती की पायलट परियोजना शुरू की तथा हामरेन में विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया।

मंत्री ने रोंगखांग विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कोलोंगा प्रवाह सिंचाई योजना का निरीक्षण किया। वर्तमान में इस योजना से लगभग 100 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिल रही है, जबकि इसकी क्षमता लगभग 1,800 हेक्टेयर भूमि तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने की है। इस क्षमता को देखते हुए हजारिका ने मुख्य अभियंता को सिंचाई सुविधा का विस्तार करने और अधिक किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।

इसके बाद मंत्री ने सरोगांव में जैतून का पहला पौधा लगाकर असम में जैतून की खेती की संभावनाओं का पता लगाने के लिए पायलट परियोजना की शुरुआत की। कृषि विभाग और कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद के सहयोग से वर्ष 2025-26 के तहत राजस्थान से लाए गए लगभग 16,000 जैतून के पौधे लगाए जा रहे हैं। इस परियोजना को असम कृषि विश्वविद्यालय के काहिकुची स्थित बागवानी अनुसंधान केंद्र के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य क्षेत्र की जलवायु और कृषि परिस्थितियों में जैतून की खेती की उपयुक्तता का आकलन करना तथा किसानों की आय बढ़ाने के नए अवसर तलाशना है।

हजारिका ने चेंगबिरी में प्रगतिशील किसान बिमल सिंह बे के 100 बीघा में फैले कृषि फार्म का भी दौरा किया। इस फार्म में सुपारी, रबर, पपीता, ऑयल पाम, केला, ड्रैगन फ्रूट, अनानास, औषधीय पौधों और मिर्च सहित विभिन्न फसलों की खेती की जाती है।

जारी बयान के अनुसार, किसान बे वर्तमान में खेती से प्रतिमाह तीन लाख रुपये से अधिक कमाते हैं। उनका लक्ष्य अगले तीन से पांच वर्षों में मासिक आय को बढ़ाकर कम से कम 10 लाख रुपये करना है। मंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कृषि विभाग की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।

हामरेन में मंत्री ने हामरेन नगर के निर्माण एवं सुधार पहल के तहत निर्मित सोई अली से सर्किट हाउस सड़क तथा एसबीआई एटीएम से हरलोंगजुवे तक की सड़क का उद्घाटन किया। उन्होंने नवनिर्मित अतिथि गृह-सह-सम्मेलन भवन का उद्घाटन करने के साथ नए सर्किट हाउस की आधारशिला भी रखी।

इसके बाद हजारिका ने नवनिर्मित सम्मेलन भवन में जिले के विभिन्न विभागों के प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने जारी विकास परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को सड़क निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने सिंचाई विभाग को जिले की सिंचाई क्षमता का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने और किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए भी कहा।

पहाड़ी जिले में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की संभावनाओं पर जोर देते हुए मंत्री ने बहुफसली खेती, फसल विविधीकरण तथा ऑयल पाम, अगरवुड और अन्य उपयुक्त उच्च मूल्य वाली फसलों का विस्तार करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इन पहलों से किसानों की आय बढ़ाने और आजीविका के स्थायी अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी।

हजारिका ने सभी विभागों को समन्वय के साथ परिणामोन्मुखी तरीके से काम करने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने कृषि विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से जिले के समग्र विकास और लोगों की आजीविका में सुधार लाने पर जोर दिया।

इन कार्यक्रमों में कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य तुलिराम रोंगहांग, असम विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ. हैबे टेरॉन, अन्य विधायक, परिषद के कार्यकारी सदस्य, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश