पूसीरे ने कनेक्टिविटी, आधुनिकीकरण और नई ट्रेन सेवाओं के विकास में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं
गुवाहाटी, 31 मार्च (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, जिससे पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिकीकरण, यात्रियों की सुविधा और क्षेत्रीय विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और अधिक मजबूत हुई है। अपने विस्तार अभियान के तहत पूसीरे ने 20 जोड़ी नई ट्रेन सेवाएं शुरू की हैं- जिनमें प्रीमियम, सेमी-प्रीमियम और पारंपरिक ट्रेनें शामिल हैं। इन ट्रेनों की सेवा से इस क्षेत्र के साथ-साथ देश के बाकी हिस्सों के लिए रेल कनेक्टिविटी और भी अधिक सुदृढ़ हुई है।
पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने मंगलवार को बताया कि परिचालन क्षमता को प्रमुखता देते हुए, पूसीरे ने 35 ट्रेनों की गति बढ़ाई है, जिसके परिणामस्वरूप यात्रा के समय में कुल 675 मिनट की बचत हुई है, जो प्रति ट्रेन औसतन लगभग 19 मिनट है। इसके साथ ही, रेलवे ने 100 प्रतिशत विद्युतीकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है, जिससे भारतीय रेलवे के सतत और ऊर्जा-कुशल संचालन के मिशन में योगदान मिला हैऔर साथ ही लाइन क्षमता में वृद्धि हुई है तथा ट्रेनों के परिचालन की समग्र दक्षता में भी सुधार हुआ है।
बइरबी-सायरंग रेल लाइन के शुरू होने से मिजोरम के लिए एक ऐतिहासिक विकास हुआ है। यात्री सेवाओं को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। माल ढुलाई में भी तेजी आई है, जिसमें सीमेंट, बैलास्ट, वाहन और अन्य सामग्रियों की ढुलाई शामिल है। सायरंग में पहली आवक ऑटोमोबाइल रेक, नगालैंड के मोलवोम में फ्रेट संचालन और मेघालय के मेंदीपथार में पहली बार पूरी मालगाड़ी लोडिंग करना जैसे कार्य शामिल हैं। इससे इस क्षेत्र के व्यापार, बाजार तक पहुंच और आर्थिक अवसरों को काफ़ी बढ़ावा मिला है।
पूसीरे में आधारभूत संरचना और आधुनिकीकरण के क्षेत्र में भी बड़े सुधार देखने को मिले है, जिसमें हावड़ा और गुवाहाटी के बीच चलने वाली भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की शुरुआत के साथ-साथ नई अमृत भारत और एलएचबी वाली ट्रेन सेवाओं को शामिल किया गया है। मुरकंगसेलेक-सिल्ले सेक्शन के चालू होने से अरुणाचल प्रदेश में कनेक्टिविटी और अधिक बेहतर होगी। इसके अलावा, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कई स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनः विकसित किया जा रहा है। असम का हयबरगांव रेलवे स्टेशन एक मॉडल स्टेशन के रूप में उभर रहा है, जो आधुनिक आधारभूत संरचना को स्थानीय विरासत के साथ जोड़ता है। हाल ही में पश्चिम बंगाल के कामाख्यागुड़ी रेलवे स्टेशन को यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया जा चुका है।
सीपीआरओ ने कहा कि परिचालन संबंधी उपलब्धियों के साथ-साथ, पूसीरे ने रेलवे अस्पतालों को बेहतर सुविधाओं और आधुनिक उपकरणों से अपग्रेड तथा रेलवे स्कूलों को बेहतर बुनियादी ढांचे और डिजिटल शिक्षण वातावरण से सुसज्जित कर अपनी स्वास्थ्य सेवा और शैक्षिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए हैं। ये पहल विकास के प्रति पूसीरे के समग्र दृष्टिकोण को दर्शाती हैं, जो न केवल बेहतर यात्री सेवाओं, बल्कि कर्मचारियों और उनके परिवारों के बेहतर कल्याण को भी सुनिश्चित करने के साथ-साथ पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में समावेशी विकास को भी बढ़ावा देती हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

